चीताखेड़ा। चीता खेड़ा-गमेरपुरा मार्ग की बारिश के मौसम में बड़े बड़े लंबे चौड़े और गहरे गड्ढों में पानी भर जाने एवं किचड़ वाली फिसलन भरी मिट्टी के कारण दलदल में तब्दील हो जाती है। जिसका समाचार गत दिवस को प्रकाशित किया गया था। उसी खबर की पहल रंग लाई और समाचार को पंचायत ने गंभीरता से लेते हुए उक्त मार्ग पर मुरमीकरण कार्य शुरू कर दिया है।
कार्य प्रारंभ से पूर्व इस दयनीय स्थिति को देखते हुए गमेरपुरा गांव के गणमान्य लोग शनिवार को प्रातः होते ही एकत्रित होकर मार्ग पर गहरे गड्ढों को मिट्टी से भरने एवं समतलीकरण की मांग को लेकर सरपंच निवास की दहलीज पर जा धमके।’ग्रामीणों ने सरपंच प्रतिनिधि से चर्चा करी तो प्रतिनिधि ने अपने ही रुतबे के अंदाज में पेश आया तो ग्रामीण भी अपनी गांवडेली तेवर में उसी अंदाज में बात करी तो सरपंच प्रतिनिधि के नूर ठंडे पड़े और व्यवहारिक भाषा में कहा कि मुझे एक दिन का समय दे दो। पूरे मार्ग पर मोहरमीकरण कार्य करवाकर समतलीकरण करवा दूंगा। इस बात ग्रामीणों ने कहा कि दो दिन बाद फिर भी मार्ग ठीक नहीं हुआ तो हम ग्रामवासी चंदा एकत्रित कर मार्ग ठीक करवा लेंगे। इस बात पर सरपंच प्रतिनिधि ने पांच घंटे बाद ही ताबड़तोड़ कर मार्ग पर मोहरमीकरण कार्य शुरू कर दिया।
सरपंच निवास पर मौके पर सरपंच प्रतिनिधि मनसुख जैन से ग्रामीणों ने चर्चा करते हुए कहा है कि चुनाव में वोट के खातिर स्वयं के खर्च से तत्काल मार्ग को समतलीकरण कार्य करने का वादा किया था। अभी तक वादा पूरा नहीं किया हम ग्रामवासियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिस पर सरपंच प्रतिनिधि ने एक दो दिन में मार्ग पर मोहरमीकरण कार्य शुरू करने का एक बार फिर ग्रामीणों से वादा किया। उपसरपंच विकास प्रजापत,वरदीचंद मीणा, देवीलाल रावत, चंपालाल रावत, चतर्भुज रावत, राधेश्याम रावत, सत्यनारायण रावत, मदनलाल गौड़, भुवानी शंकर गौड़, मोहनलाल परमार, रामनारायण परमार, वार्ड पंच प्रतिनिधि मुकेश आर्य मौके पर मौजूद थे।