धार। केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार की भोजशाला-कमाल मौलाना परिसर में वैज्ञानिक पद्धति से सर्वेक्षण हुआ था, जिसकी रिपोर्ट कल इंदौर हाई कोर्ट में पेश हो गई हैं। जिसको लेकर हिंदू समाज में उत्साह का माहौल हैं, समाज के लोगों का मानना हैं, कि रिपोर्ट सनातन धर्म के पक्ष में आएगी।
यही उत्साह मंगलवार होने के चलते भोजशाला में भी देखने को नजर आया। महिलाएं सहित बड़ी संख्या में पुरुष भोजशाला में पूजा अर्चना के लिए पहुंचे थे, पूजन के बाद महिलाएं जब बाहर निकली तो हाथों में मंजीरे बजाते व भजन गाते हुए नजर आई। इस दौरान सुंदर भजनों की प्रस्तुति देते हुए कुछ महिलाओं ने झूमते हुए मां को याद किया।
सुंदरकांड का हुआ आयोजन
भोजशाला के गौरव की पुनर्स्थापना को लेकर भोज उत्सव समिति द्वारा यहां पर प्रति मंगलवार सत्याग्रह किया जाता है। आज भी पूजा व अर्चना के लिए बडी संख्या में हिंदू समाज के लोग सुबह के समय पहुंचे।
गर्भगृह में मां वाग्देवी सहित भगवान हनुमान का तेल चित्र रखकर पूजन किया गया। इस दौरान सरस्वती वंदना सहित सुंदरकांड करते हुए आरती की गई व प्रसादी का वितरण भी किया गया। इधर मंगलवार होने के चलते अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
दरअसल उच्च न्यायालय में हिंदू फॉर जस्टिस की याचिका पर 11 मार्च को वैज्ञानिक सर्वे के आदेश दिए थे। एएसआई की टीम के आला अधिकारियों द्वारा 22 मार्च से यहां पर सर्वे शुरू किया गया था, पहले कोर्ट ने 6 सप्ताह का समय दिया था, पर एएसआई की ओर से अतिरिक्त समय की मांग की गई।
जिसमें 8 सप्ताह सर्वे के लिए और दिया गया था, पिछले करीब तीन माह से बगैर रुके एएसआई के अधिकारी व कर्मचारी नियमित रुप से यहां पर सर्वे कर रहे थे। अवकाश के दिनों से लेकर बारिश के बावजूद अधिकारियों ने सुबह से लेकर शाम तक यहां पर काम किया था।
धार में पहली मर्तबा सर्वे का काम इतने बड़े स्तर पर चला है। मिट्टी हटाने के दौरान यहां पर छोटे-बड़े करीब 1700 अवशेष मिले हैं, जिन्हें भी संरक्षित एएसआई की टीम द्वारा किया गया था। जिसकी रिपोर्ट कल पेश हो चुकी हैं, अब प्रकरण की सुनवाई 22 जुलाई नियत की गई हैं।