चित्तौड़गढ़ में सांवलिया सेठ मंदिर में एंट्री को लेकर हंगामा हो गया। दर्शन करने पहुंचे लोग अमावस्या पर भीड़ होने के कारण VIP गेट से एंट्री करने की मांग पर अड़ गए। वहां तैनात गार्ड्स को गालियां दी और गेट पर लठ मारे।
VIP गेट का ताला तोड़कर अंदर घुस गए और गार्ड्स से मारपीट की और यूनिफॉर्म फाड़ डाली। इसके बाद अन्य सुरक्षाकर्मी भी आ गए। हंगामा मचा रहे 4 लोगों को घेर कर दबोचा और पुलिस को सौंप दिया।
पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। मामला मंडफिया थाना इलाके का मंगलवार दोपहर का है। मंदिर प्रशासन की ओर से गार्ड प्रहलाद गाडरी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया- हरिजन मोहल्ला स्थित यह एंट्री गेट कर्मचारियों, मंदिर मंडल के पदाधिकारियों और अधिकारियों के आने-जाने के लिए है। हालांकि, ज्यादा भीड़ होने पर श्रद्धालुओं को भी इसी गेट से प्रवेश दिया जाता है। अमावस्या पर सुबह भी कुछ समय तक इसी गेट से श्रद्धालुओं को अंदर भेजा गया था।
बाद में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ देर के लिए एंट्री रोकनी पड़ी। इसी दौरान एक श्रद्धालु अचानक नाराज हो गया और लकड़ी उठाकर गेट पर हमला करने लगा। देखते ही देखते उसके साथ कुछ और लोग भी आ गए और उन्होंने गेट को तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी। मंदिर कर्मचारी लगातार उन्हें समझाते रहे, लेकिन वे नहीं माने और माहौल बिगड़ता चला गया।
एक को पीटा, दूसरे गार्ड के कपड़े फाड़े
हजारी दास वैष्णव ने बताया- हंगामा कर रहे लोगों ने गेट को नुकसान पहुंचाने के बाद जबरन मंदिर परिसर में प्रवेश कर लिया। उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे सुरक्षा गार्डों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इस घटना में एक गार्ड को गंभीर चोट लगी, जबकि दूसरे गार्ड के कपड़े फाड़ दिए गए।
इसके बावजूद मंदिर के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने बाकी श्रद्धालुओं के दर्शन प्रभावित नहीं होने दिए और व्यवस्था संभालने में जुटे रहे। उस समय मंदिर में अमावस्या के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, लेकिन अधिकांश लोग लाइन में शांतिपूर्वक दर्शन कर रहे थे।
चार को पुलिस के हवाले किया
हजारी दास वैष्णव ने बताया कि दूसरे सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद हंगामा कर रहे चार लोगों को पकड़ लिया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मंडफिया पुलिस मौके पर पहुंची और चारों को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई।
'दर्शन करने आएं, व्यवस्था नहीं बिगाड़ें'
मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने कहा कि मंदिर प्रशासन हमेशा श्रद्धालुओं की सुविधा और सम्मान का पूरा ध्यान रखता है। कर्मचारियों को भी साफ निर्देश हैं कि सभी के साथ अच्छा व्यवहार करें। लेकिन लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ में व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी होता है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की ऐसी हरकतें न सिर्फ मंदिर की व्यवस्था बिगाड़ती हैं, बल्कि दूसरे श्रद्धालुओं को भी परेशानी होती है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि दर्शन के दौरान धैर्य रखें, कर्मचारियों का सहयोग करें और मंदिर की मर्यादा का पालन करें। ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।