धार। राज्य सरकार की इस पहल से ग्रामीण युवाओं को गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। हर गांव में सर्वेयर की नियुक्ति होने से गांवों में स्थानीय युवाओं को एक निश्चित अवधि के लिए रोजगार मिलेगा। वहीं, पटवारी हैं जो सर्वे करने वाले के कामकाज की मॉनिटरिंग करेंगे।
कई बार किसान शिकायत करते हैं कि पटवारी बिना सर्वे किए ही गिरदावरी यानि फसलों की जानकारी खसरे दर्ज कर देते हैं। इससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल पाता। ऐसी शिकायतों को दूर करने और सटीक सूचनाएं प्राप्त करने प्रदेश सरकार अब ग्रामीण युवाओं से गिरदावरी कराने जा रही है।
इसके तहत युवाओं को खेत का सर्वे करके फोटो और जानकारी पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। धार जिले 1625 गांवों के करीब 3 लाख किसानों के खेतों में होने वाली फसलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा। इसके लिए अभी जिलेभर 1784 आवेदन स्थानीय के अन्य गांवों से आए। जिसका अनुमोदन पटवारी द्वारा किया जाएगा।
किसानों को नहीं आएगी दिक्कत
इस कार्य के लिए उन्हें प्रति खसरा आठ रुपए दिए जाएंगे। इस योजना से युवाओं को अस्थायी रोजगार भी मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत गांव के लोग ही फसल नुकसान का सर्वे करेंगे ना कि पटवारी। गांव के चयनित युवा ही मोबाइल एप की मदद से गिरदावरी का काम पूरा करेंगे। इससे जहां किसानों को नुकसान की स्थिति में मुआवजा पाने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। कोई भी किसान फर्जी फसल बताकर प्राकृतिक आपदा पर राहत राशि या फिर फसल बीमा का लाभ भी नहीं ले पाएगा।
मुकेश मालवीय अधीक्षक भू-अभिलेख धार ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर योजना को लेकर तैयारी शुरू हो चूंकि है। यह योजना गिरदावरी के काम में पारदर्शिता लाएगी। स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही उन्हें अनुभव भी मिलेगा। योजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्य हो रहा है और जिले में 1784 आवेदन अभी आए है जिनकी जांच पटवारियों द्वारा होगी। वहीं यह सारी जानकारी सारा एप में अपलोड होने से किसी गड़बड़ी की संभावना नहीं रहेगी।