मनासा। प्रशासन शासकीय निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने का दावा तो खूब करता है, लेकिन इसकी हकीकत मंगलवार को सामने आ गई। मोकड़ी में ग्राम सड़क योजना रोड़ मार्ग के दोनों तरफ बनाए गए नाले की करीब 50 फीट लम्बी दीवार सोमवार को हुई प्री-मानसून की हल्की बरसात भी नहीं बर्दाश्त कर सकी। उसकी दीवारें कई जगहों पर ढह गई। नाला ढहने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग एकत्र हो गए। लोगों ने नाला निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किये जाने के आरोप भी लगाए हैं।
दरअसल ग्राम पंचायत मोकड़ी में खेत सड़क योजना के तहत मार्ग के दोनो तरफ करीबन 16 लाख रुपए की लागत से पिछले माह में बनाया गया नाला घटिया निर्माण सामग्री के चलते पहली ही बरसात को नहीं झेल सका और पहली ही बरसात में नाला टूटकर बह गया ।ग्रामीणों का आरोप है कि नाले में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने व निर्धारित मापदंड के अनुसार गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं होने से मानसून की पहली बरसात में नाले की दीवारें जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो जाने से रेत,गिट्टी आदि बह गई हैं वहीं पत्थर उखड़ गए हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से नाला निर्माण कार्य की जांच करवाने व नाले का फिर से निर्माण कार्य करवाने की मांग की है।
जबकि पंचायत सचिव का कहना हे कि अधिक बरसात होने से पानी का भराव हुआ और नाला टूट गया।जबकि सभी को पता हे अभी इतनी भारी बारिश भी क्षेत्र में नही हुई है की नाला निर्माण हल्की बारिश में ही बह जाए। मामले में जनपद मुख्य अधिकारी सीईओ अरविंद डामोर से जानकारी लेने के लिए हमारे संवाददाता द्वारा कई कॉल लगाए गए लेकिन कॉल का जवाब नही दिया गया,करीब 5 कॉल से ज्यादा लगाने के बाद भी अधिकारी द्वारा कॉल रिसीव करना उचित नही समझा।
इनका कहना-
मनासाअनुभीविभागीय अधिकारी एसडीएम पवन बारिया ने बताया कि हमे मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। ग्राम पंचायत मोकडी में घटिया नाला निर्माण का एक मामला सामने आया है जिसमें संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर मामले की जांच की जाएगी। संबंधित मामले में जो कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। - पवन बारिया, अनुविभागीय अधिकारी मनासा