भोपाल। नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में माता महालक्ष्मी मंदिर के नवम स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय ईशावास्यम महोत्सव का 23 जुलाई (मंगलवार) को सुबह शुभारंभ हुआ। उज्जैन से आए आठ ब्राह्मणों ने राज राजेश्वरी त्रिपुरसुंदरी ललिता देवी की राष्ट्र लक्ष्मी के स्वरुप में स्थापना कर उनकी राजोपचार पूजन कराई। साथ ही अर्थव शीर्ष व श्रीसूक्त का पाठ कर देश व प्रदेश की सुख समृद्धि व खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई।
आचार्यों ने सबसे पहले देवी माता का अभिषेक किया। इसके बाद नवीन वस्त्रों व सोने चांदी के आभूषणों से उनका विशेष श्रृंगार कर पूजा की। इसके साथ ही बीजाक्षर मंत्रों से हवन कर 1008 आहुतियां दी गई। पाटोत्सव का समापन गुरुवार को होगा।पंडितों के अनुसार महोत्सव में भारत को विश्व गुरु, शक्तिशाली व समृद्ध बनाने की प्रार्थना के साथ श्री और उनके शक्ति स्वरूप की पूजा आराधना की जा रही हैं।
मंदिर के प्रवक्ता शाश्वत शांडिल्य ने बताया कि उज्जैन के पंडित केदारनाथ शुक्ल ने महोत्सव के अनुष्ठान कराए। प्रारम्भ में मुख्य यजमान व आश्रम पीठाधीश्वर सुदेश शांडिल्य महाराज ने मंदिर में विराजमान सभी देव प्रतिमाओं व बड़े गुरु महाराज की पूजन अर्चना मंडल व नवग्रह स्थापना के साथ की। उन्होंने बताया कि ईशावास्यम महोत्सव में माता महालक्ष्मी को पुष्पों व आभूषण आदि से श्रृंगार कर वेद मंत्रो से पूजा की गई।