चीताखेड़ा। इन दिनों जिसे देखों वहीं किसानों को अपना निशाना बना रहे हैं और अपना उल्लू सीधाकर आर्थिक रूप से हमले कर रहे हैं। सरकार और राजनीतिक नेता, किसान संबोधित शासकीय विभाग के आला अधिकारी, कृषि उपज मंडी, व्यापारी सभी समय समय पर किसानों को कहीं पर भी तनिक रहम नहीं खा रहे हैं। वहीं बचे कुचे में अज्ञात बदमाशों ने खेतों पर ट्यूबवेलों और कुओं पर लगी विद्युत मोटरों से केबल रात्रि में चोरी चुपके काटकर ले उड़े है। किसानों को कोई बख्शने को तैयार नहीं है, जिसे देखों वही लुटने पर तुला हुआ है। चोरी की रिपोर्ट हेतु किसान पुलिस थाने में जाता है तो चोरों की तलाशी करने के बजाए उल्टे तरह-तरह के सवाल खड़े कर देती है पुलिस। जैसे खूद किसान ने चोरी की हो।
अज्ञात बदमाशों ने विगत 10-12 दिनों पूर्व चैनपुरा रोड से लगे चीताखेड़ा के भगत मांगरिया, बाबू लाल बंजारा, रोशनलाल प्रजापत सहित 5-6 किसानों के खेतों पर लगी ट्यूबवेलों और कुओं में लगी विद्युत मोटरों के कनेक्शन केबिले काटकर ले गए थे। लेकिन किसानों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। पुलिस की निष्क्रियता के चलते चोरों ने दिखाया अपना कमाल। एक बार फिर गमेरपुरा रोड़ से लगे खेतों पर ट्यूवेलों और कुओं में लगी विद्युत मोटरों के तार केबले चोरी चुपके 9-10 अगस्त की मध्य रात्रि में काटकर ले गए हैं। हर तरफ से लूटे हुए किसान को लूटने में कोई तरस खाने को तैयार नहीं है। 9-10 अगस्त की मध्य रात्रि में अज्ञात बदमाशों द्वारा दशरथ माली , कैलाश चंद्र बंजारा, रामनारायण परमार, शिखरचंद झातरिया आदि किसानों के खेत पर लगी ट्यूवेल और कुएं में लगी विद्युत मोटरों के तार केबले चोरी कर ले गए हैं।