भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने देर रात 3 आईपीएस अफसरों को हटाने का आदेश जारी किया था। इनमें एक नाम रतलाम एसपी राहुल लोढ़ा का भी था। उनके तबादले पर अब सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार पर हमला बोला और कहा कि सत्ता प्रायोजित दंगे की साजिश को रोकने वाले जांबाज पुलिस अधिकारी पुरस्कृत नहीं बल्कि दंडित किये जाते हैं।
जांबाज पुलिस अधिकारी पुरस्कृत नहीं बल्कि दंडित होते हैं
दरअसल, रतलाम के एसपी राहुल लोढ़ा का तबादला कर उन्हें भोपाल रेल एसपी बना दिया गया। इस पर इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया एक्स पोस्ट कर लिखा, “मध्य प्रदेश में सत्ता प्रायोजित दंगे की साजिश को रोकने वाले जांबाज पुलिस अधिकारी पुरस्कृत नहीं बल्कि दंडित किये जाते हैं, रतलाम इसका सटीक उदाहरण है। डॉ. मोहन यादव जी, क्या यही है आपकी शासन प्रणाली?
क्यों हुआ रतलाम एसपी का तबादला?
गणेश चतुर्थी पर रतलाम में गणेश प्रतिमा जुलूस पर पथराव हुआ था। जिसके बाद हिंदू समाज ने सैंकड़ों की संख्या में थाना घेर दिया। तत्कालीन एसपी राहुल कुमार लोढ़ा पुलिस बल के साथ जांच के लिए घटना स्थल मोचीपुरा पहुंचे। पीछे-पीछे भीड़ भी आ गई। एसपी ने लोगों से वहां से जाने के लिए कहा। इसी बीच पथराव शुरू हो गया। पुलिस की गाड़ी पर भी एक पत्थर लगा। गाड़ी का कांच फूट गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठी चार्ज किया। आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। रात करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुआ हंगामा-प्रदर्शन करीब 12 बजे खत्म हुआ। इसके बाद कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।