विदिशा। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरूवार को डीएलसीसी की बैठक आयोजित की गई थी। कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में सम्पन्न हुई इस बैठक में आरबीआई के प्रतिनिधि के अलावा लीड बैंक आफीसर बीएस बघेल, नाबार्ड के जिला समन्वयक जसप्रीत कौर के अलावा समस्त बैंको के जिला नोडल अधिकारी तथा विभिन्न विभागो के जिलाधिकारी मौजूद रहें।
कलेक्टर सिंह ने सभी बैंकर्स प्रतिनिधियो से कहा कि शासन की महत्वपूर्ण व प्राथमिकता वाली योजनाओं के हितग्राहियों को वित्त पोषण के मामलो में बैेंको का चक्कर ना लगाना पडे ऐसी कार्यप्रणाली अपनाकर बैंकर्स हितग्राहियों के विश्वासो पर खरे उतरे। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को बैंको में एक ही बार बुलाकर तमाम प्रक्रिया पूर्ण कराएं ताकि घर जाने पर उनके मन में यह विचार ना आए कि मात्र दस हजार के लोन के लिए बैंको ने बीसो चक्कर लगवाए है।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि सभी बैंकर्स हितग्राहीमूलक योजनाओं में वित्त पोषण की कार्यवाही उसी वित्तीय वर्ष के समाप्ति के पहले करें ताकि हितग्राही लोन स्वीकृत वित्तीय वर्ष में ही स्वंय का रोजगार स्थापित कर प्रथम किश्त अदा कर सकें ताकि किश्तो को नियमित रूप से जमा करने में कोई व्यवधान ना आ पाए।
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने समीक्षात्मक बैठक के दौरान जिन बैंको के द्वारा वित्त पोषण संबंधी कार्यो, हितग्राही के प्रकरणो को स्वीकृत करने में आनाकानी की गई है उन बैंको के जिला नोडल अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि शासकीय योजनाओं की राशि उन ही बैंको में जमा की जाएगी जो हितग्राहियों को वित्त पोषण संबंधी कार्यो को सुगमता से सम्पादित करेगी उन्हे प्राथमिकता दी जाएगी।
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बैंकर्स और विभागो के अधिकारियों के मध्य समन्वय स्थापित कर हितग्राहीमूलक योजनाओं में किसी भी प्रकार के व्यवधान ना आए के लिए सप्ताह में दो दिन बैठक आयोजित कर लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश लीड़ बैंक आफीसर बीएस बघेल को दिए गए है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी बैंकर्स प्रतिनिधि सचेत रहे कि बैंक केवल उपभोक्ताओं के लेनदेन तक सीमित ना रहें। भारत सरकार की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री जी की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम व योजनाओं के वित्त पोषण में विशेष रूचि प्रदर्शित करे।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश को नेशनल अवार्ड प्राप्त हुआ है अतः विदिशा जिले की निकाय भी प्रदेश स्तर पर सर्वोच्च स्थान हासिल करें। यह कार्यवाही तभी संभव है जब बैंक के द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के वित्त पोषण में किसी भी प्रकार की कोताही ना बरती जाए। उन्होंने सभी विभागो के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए है कि योजनावार लक्ष्यों से दुगने प्रकरण बैेंको को प्रेषित करें ताकि हितग्राहियों के चयन में बैंकर्स को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो। उन्होने कहा कि प्रत्येक तीन माह में आयोजित होने वाली डीएलसीसी की बैठक में बैंकर्स प्रतिनिधि समुचित तैयारियों के साथ आए। यदि आगामी बैठक में ऐसा प्रतीत हुआ कि बैंकर्स के द्वारा जबाव देने में ढीला रवैया अपनाया जा रहा है तो हर माह बैंकर्स की बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने आरबीआई के प्रतिनिधि से कहा कि जिले की ऐसी नवीन बैंक जिनके द्वारा हितग्राहीमूलक योजनाओं में खासकर स्वसहायता समूह के सदस्यों को वित्त पोषण कार्यवाही में रूचि नही ली जा रही है उनके खिलाफ कार्यवाहीयुक्त पत्र तैयार करें। ऐसे बैंकर्स प्रतिनिधियों को जिसमें आईसीआईसी बैंक का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यदि हितग्राहीमूलक योजनाओं के प्रकरणो में स्वीकृति नहीं दी जाती है तो जिले में ऐसी बैंक का संचालन कदापि ना हो कि कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर सिंह ने विशेष मुददो को टीएल बैठक में सम्मिलित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जो भी प्रकरण बैंको में लंबित है उनका समाधान शीघ्रतिशीघ्र करें। जिले में एमपी ग्रामीण बैंक के द्वारा समूहो से वित्त पोषण के मामले में दो-दो हजार रूपए के स्टाम्प पेपर जमा करने की प्राप्त शिकायत के जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है।