नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला स्तरीय मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास में अनिवार्य रूप से पंजीयन कर गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
कलेक्टर ने सभी गर्भवती महिलाओं की समय पर समग्र आईडी बनाकर अनमोल पोर्टल पर जानकारी अद्यतन करने, गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की शीघ्र पहचान एवं उपचार तथा गर्भावस्था के दौरान नियमित रक्तचाप जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बैठक में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन एवं प्रबंधन की समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्रों में कम उपलब्धि पर नाराजगी जताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ संयुक्त सर्वे कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने नवजात एवं शिशु मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा करते हुए एनआईसीयू, एनबीएसयू एवं गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल कार्यक्रम के प्रभावी संचालन, शत-प्रतिशत टीकाकरण तथा उच्च जोखिम वाले बच्चों को समय पर रेफर करने के निर्देश दिए। उन्होंने जन्मजात विकृतियों से प्रभावित बच्चों की पहचान के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से सर्वे कराने को भी कहा।
बैठक में क्षय उन्मूलन अभियान, आयुष्मान भारत योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, गैर संचारी रोग नियंत्रण, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान एवं सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। साथ ही 14 जुलाई से 31 अगस्त तक संचालित दस्तक अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ. रितेश बजाज सहित स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।