नर्मदापुरम। जबलपुर में तहसीलदार और पटवारी समेत 7 लोगों पर जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार 18 सितंबर दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। हड़ताल के चलते तहसील में नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, मूलनिवासी समेत कई काम अटक गए है।
तीसरे दिन शुक्रवार को भी सबसे प्यारे, सबसे प्यारे स्ट्राइक पर है। इस हमले के कारण अलास्कापुरम में स्मारकों के कई महत्वपूर्ण टुकड़े जुड़े हुए हैं। इन राजस्व विभाग (राजस्व विभाग) का नाम परिवर्तन (भूमि हस्तांतरण), बंटवारा (भूमि विभाजन), ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र (ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र), और नक्शा तरमीम (मानचित्र संशोधन) जैसे कई आवश्यक कार्य शामिल हैं। बंधकों की मांग महत्वपूर्ण मांग है कि बैबाद में बंधक व पटवारी पर हुई खरीदी वापस ली। जब तक आरोप वापस नहीं आएंगे, हम काम नहीं करेंगे।
तवा रिसोर्ट पर हुई तहसीलदारों की बैठक, जिला अध्यक्ष की नियुक्ति
नर्मदापुरम में भी 18 सितंबर को ज्ञापन सौंपने के बाद से सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर चले गए। गुरुवार को जिले के तहसीदलार, नायब तहसीलदारों ने बैठक कर रूपरेखा बनाई। जिसमें कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा तहसीलदार संगठन का जिला अध्यक्ष तहसीलदार राकेश खजुरिया, सचिव तहसीलदार शक्ति सिंह तोमर, और कोषाध्यक्ष तहसीलदार शंकर लाल रघुवंशी को नियुक्त बनाया गया। बैठक में तहसीलदार अलका इक्का, राकेश खजूरिया, शक्ति सिंह तोमर, देवशंकर धुर्वे, सुनील गढ़वाल, सृष्टि डेहरिया, अनिल पटेल, कीर्ति प्रधान, दीप्ति चौधरी समेत अन्य उपस्थित रहे।
लॉयन ऑर्डर में भी नहीं, हड़ताल से हो सकती है दिक्कत
तहसीलदार और नायब तहसीलदार पर को संभालने की जिम्मेदारी रहती है। त्योहारों का भी समय चल रहा है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार के हड़ताल पर चले जाने से लॉयन ऑर्डर बिगड़ने जैसी स्थिति बनने पर जरूर दिक्कत आ सकती आ रहा सकती है।