रतलाम। अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह मे आरंभ होने वाले नवरात्रि गरबा महोत्सव में कस्तूरबा नगर गरबा समिति नवाचार करेगी। समिति ने गरबा उत्सव मे फूहड़ गीत नही बजाने और सनातन संस्कृति अनुसार परिधानों के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। गरबे के दौरान पाश्चात्य संस्कृति (वेस्टर्न स्टाइल) के कपड़े पहनकर कर आने वालों पर रोक रहेगी।
नवरात्रि पर्व की तैयारियों को लेकर कस्तूरबा नगर गरबा समिति की बैठक मे यह निर्णय लिया गया। बैठक मे समिति संयोजक नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा के प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई। गरबा उत्सव के दौरान अपने पंडाल के साथ-साथ शहर के अन्य पंडालों में भी शहरवासियों से सनातन संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान किया।
समिति संयोजक शर्मा ने बताया कि गरबा उत्सव के दौरान सभी प्रतिभागियों के परिधानों पर नजर रखी जाएगी। सनातन संस्कृति के अनुसार कपड़े नहीं पहनने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। गरबा समिति द्वारा बालिकाओं को दंड भी वितरित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि गरबा उत्सव को लेकर धर्म के प्रति जो दुष्प्रचार होता है, उसे रोकने की जिम्मेदारी सभी की है। कस्तूरबा नगर गरबा समिति इस दिशा में जो पहल कर रही है, उसका शहर के सभी गरबा पांडालों मे अनुसरण किया जाना चाहिए। गरबा उत्सव के दौरान पाश्चात्य संस्कृति का कही भी प्रदर्शन ना हो और अश्लीलता नहीं दिखे, ऐसा प्रयास सभी करें।
बैठक मे गरबा समिति अध्यक्ष जितेंद्र सिंह चौहान, मनोज शर्मा, महेश शर्मा, अजय डामोर, कपिल पंवार, सुशील सोनी, अभिषेक भट्ट, अनिल पाठक, सुरेंद्र सिंह, अजय प्रजापत, रूपेश प्रजापत, मनोज नादेचा, तनिष्क शर्मा, मीनाक्षी चंद्रावत, सोनू चंद्रावत, संगीता चौहान, गायत्री चौहान, मीनाक्षी चंद्रावत, सोनू चंद्रावत, संगीता चौहान आदि मौजूद रहे।