भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने अतिथि शिक्षकों को लेकर दिए बयान पर खेद व्यक्त किया है। जिसके बाद अथिति शिक्षक ने सवाल किया कि क्या इससे जो भावनाएं आहत हुई है, उस पर मरहम लग जाएगा? मंत्री ने सिर्फ खेद जताया है, माफी नहीं मांगी।
अथिति शिक्षक संघ के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने कहा कि खेद व्यक्त करना से क्या होगा, माफी मांगनी चाहिए। सुरक्षित भविष्य और जिन 8 सुत्रीय बिंदुओं में सहमति बनी है, उनके आदेश तत्काल जारी किया जाए। आपके बयान से आपकी भावना क्या है, यह मालूम पड़ गया है। हमारी मांग पूरी की जाए वरना, 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
दरअसल, नरसिंहपुर पहुंचे स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से मुख्य सवाल अतिथि शिक्षकों को लेकर पूछा गया। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि एक विषय निकला तो मैंने कहा कि पदनाम से ही विभाग में अतिथि हैं। बाकि प्राथमिकता हम दे सकते हैं। वे हमारे अपने बच्चे हैं। कहीं कोई विसंगति नहीं है।जिन्होंने शिक्षण व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान किया तो वे हमारे अपने हैं। मैं इस पर खेद व्यक्त करता हूं। मुझे कोई संशय और संकोच नहीं है।