इंदौर। महेश नगर धर्मशाला में राधा रानी ग्रुप द्वारा आयोजित तीन दिवसीय संगीतमय गिरिराज चरित्र कथा की शुरुआत शुक्रवार को शोभायात्रा के साथ हुई। भजनों पर मातृशक्ति खूब थिरकी। पूरा क्षेत्र गिरिराज धरण के जयकारे गूंज उठे। पहले दिन आचार्य पं. पुष्पानंदन महाराज के मुखारविंद से कथा का श्रवण सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किया। ध्यानयोगी महर्षि स्वामी उत्तम स्वामी महाराज के पावन सान्निध्य में कथा शुरू हुई।
मुख्य यजमान नैना रखोड़ीवाला, निर्मला गर्ग ने बताया कि संगीतमय गिरिराज चरित्र 22 सितंबर तक महेश नगर धर्मशाला में आयोजित किया जा रहा है। शुक्रवार को कथा की शुरुआत शोभायात्रा महेश नगर चौराहा से ठाकुरजी के पूजन अर्चन के साथ हुई। इसमें मातृशक्ति ठाकुरजी के भजनों पर नाचते गाते थिरकते हुए चली, यात्रा में ठाकुरजी को चांदी के सिंहासन पर विराजमान करके आचार्य पं. पुष्पानंदन महाराज पवन तिवारी लेकर चल रहे थे। पूरा यात्रा मार्ग राधे-राधे के जयकारों से गूंज उठा। जगह-जगह फूलों की पंखुड़ियां बरसाकर स्वागत किया। यात्रा महेश नगर चौराहे से होते हुए विभिन्न मार्गों से सीधे महेश नगर धर्मशाला पहुंची। सैकड़ों भक्त पारंपरिक परिधान में सम्मिलित हुए जिसमें महिलाएं चुनरी की साड़ी में और पुरुष पीले कुर्ते में सम्मिलित हुए।
कथा स्थल पर ठाकुरजी को विराजमान कर नैना रखोड़ीवला, निर्मला गर्ग, तनुजा कमलेश खंडेलवाल ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन कर कथा की शुरुआत की। आचार्य पं. पुष्पानंदन महाराज पवन तिवारी ने प्रहलाद चरित्र की शुरुआत की।
आचार्य पं. पुष्पानंदन महाराज पवन तिवारी ने कहा - श्रीकृष्ण और राधाजी का संयुक्त स्वरूप श्रीनाथजी है। इनकी आराधना करने मात्र से समस्त मनोरथ पूर्ण होते है। श्री गिरिराज के प्रताप से कलयुग अपना पूर्ण प्रभाव नहीं दिखा पाता गिरिराज जी के कारण ही हम कलयुग के प्रकोप से बचे हुए। गिरिराज जी फूलों, फलों और धन से आकर्षित नहीं होते हैं, गिरिराज जी समर्पण से आकर्षित होते हैं। जो व्यक्ति भगवान गिरिराज जी के प्रति चरणों में समर्पित होता है उसके सारे कार्य सफल हो जाते हैं। पितृ पक्ष में भगवान गिरिराज जी का पावन चरित्र पूर्वजों की इच्छा अनुसार हो रहा है, पितृपक्ष में दान,धर्म,कर्म के साथ ही सत्संग का होना बहुत जरूरी है, सत्संग से पूर्वज प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। कथा और सत्संग हमारी देह के माध्यम से पितृ श्रवण करते हैं। जब जीव का भाग्योदय होता है जन्म जन्मांतर के पुण्य की प्राप्ति होती है तभी सत्संग होते हैं। भगवान के नाम पर मन लगा उनकी कृपा के बिना संभव नहीं है, जब भगवान के नाम पर मन लग जाता है तो समझो भगवान की कृपा बरसाने लग गई है।
गिरिराज चरित्र रोजाना दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक होगा। इस कथा को सुनने सैकड़ों की संख्या में भक्तगण पधारे। गिरिराज चरित्र के लिए आकर्षक मंच सजाया गया,इसमें महाराजश्री विराजित होकर कथा का श्रवण करा रहे है,पूरे कथा स्थल को सुसज्जित किया गया। शुक्रवार को विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। रोजाना शाम 7 बजे से भजन संध्या होगी, जिसमें भजन गायकों द्वारा भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएगी। इस आयोजन में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला सहित अनेक राजनेता भी सम्मिलित होंगे।