इंदौर। विधानसभा-1 में सदस्यता अभियान कार्यक्रम शामिल होने पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को स्थानीय महिलाओं ने घेर लिया। उन्होंने इलाके में चल रहे नशे के कारोबार की शिकायत की। महिलाओं ने मंत्री विजयवर्गीय को घेर कर बताया कि इलाके में नशे का कारोबार इतना जोर पकड़ रहा है कि वो खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। घर से निकलने और बाजार जाने से भी डरती है। महिलाओं की शिकायत पर मंत्री विजयवर्गीय ने आक्रोश जताते हुए तुरंत मंच से पुलिस को 3 दिन का अल्टीमेटम दे दिया।
दरअसल शनिवार को कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने विधानसभा में घर घर सदस्यता अभियान कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान परदेशीपुरा इलाके की महिलाओं ने उन्होंने घेर कर इलाके में चल रहे नशे के कारोबार पर विरोध जताया जिस पर मंत्री ने मंच से पुलिस को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तीन दिनों के भीतर नशे का कारोबार खत्म नहीं हुआ, तो चौथे दिन सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तीन दिन में कार्रवाई की चेतावनी
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से परदेसीपुरा पुलिस चौकी को चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिनों के अंदर नशे का कारोबार बंद होना चाहिए, नहीं तो चौथे दिन सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि किसी नेता का फोन नशा करने वाले या नशा बेचने वाले को छुड़ाने के लिए आता है, तो थाना प्रभारी सीधे उनसे संपर्क करें। यहां तक कि अगर मंच पर बैठा कोई व्यक्ति भी इस अवैध धंधे में शामिल पाया जाता है, तो उसकी सिफारिश भी न मानी जाए।
विधानसभा चुनाव के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने उठाया था मुद्दा
विधानसभा चुनाव के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने नशे के खिलाफ कैंपेन चलने की बात कही थी। इंदौर-1 में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि विधायक बनने के बाद मैं सबसे पहले ब्राउन शुगर बेचने वालों की कमर तोड़ कर रख दूंगा। इस दौरान एक महिला ने पति द्वारा शराब पीकर हंगामा करने की शिकायत की, जिस पर विजयवर्गीय ने कहा कि शराब के विरोध में अपने घर से ही आंदोलन शुरू करना है। बच्चों को भूख हड़ताल करना है।
बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी तुम्हारे पापा शराब पीकर आए और हंगामा करे तो बच्चे घर से बाहर निकाल कर भूख हड़ताल कर दो, पापा से कह दो कि जब तक पापा शराब पीना नहीं छोड़ेंगे तब तक हम खाना नहीं खाएंगे। जब मैं इंदौर-2 का विधायक था तब बस्तियों से इस तरह की शिकायत आती रहती थी। तब मैं वहां की महिलाओं और बच्चों को यही सलाह दी थी।
इसके चलते कई लोगों ने शराब पीना छोड़ दिया। जहां लोग शराब पीते हैं, वहां बच्चों को समझाना पड़ेगा, बच्चों शराब नहीं पीना है और पापा को भी नही पीने देना है। रोज सुबह मंदिर जाना है, हनुमान चालीसा का पाठ करना है, अपने माता-पिता के चरण छूना है, हम बच्चो को संस्कार देंगे।
चुवाव प्रचार के दौरान कहा था- इंदौर को नशे की राजधानी नहीं बनने दूंगा
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने भाषण में कहा था कि नाइट लाइफ और नशे को लेकर मैंने कई अधिकारियों की बैठक ली। काम भी हुआ, लेकिन अभी कई बस्तियों में मैंने देखा कि उनका यहां जबरदस्त नेटवर्क है। नौजवान पीढ़ी की हालत खराब है। अभी मुझे पता लगा कि पंचकुईया के यहां कुछ लोग स्मैक पी रहे थे। पुलिस आई तो वो लोग भागे। इस बीच एक लड़का नाले में कूद गया तो उसकी डेथ हो गई। नौजवान पीढ़ी को बर्बाद करने के लिए कुछ लोग षडयंत्र पूर्वक इस शहर को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं।
विजयवर्गीय ने आगे कहा था कि पंजाब बर्बाद हो गया कि नहीं। पंजाब की नौजवान पीढ़ी नशे में बर्बाद हो गई। सेना के अंदर सर्वाधिक नौजवान जाते थे तो वो पंजाब से जाते थे। अब पंजाब एक तरह से नौजवानों की नशे की राजधानी हो गया है। इसी तरह अब इंदौर भी नशे की राजधानी बनता जा रहा है, लेकिन कुछ भी हो जाए, अब मैं ये नहीं होने दूंगा। सरकार बनने के बाद सबसे पहला काम ये ही करूंगा।
तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट पर बोले- पता नहीं कितनी बार चर्बी खाई होगी
तिरुपति बालाजी मंदिर प्रसाद में मिलावट को लेकर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि- यह दुर्भाग्य की बात है, लोग इस तरह से सनातन धर्म के साथ खिलवाड़ करें तो यह बहुत ही दुख की बात है। लोगों का धर्म भ्रष्ट करना, जैसे मैं खुद ही जब यह खबर देखी तो भोजन नहीं कर पाया, क्योंकि मैंने कई बार वहां का प्रसाद खाया है, मुझे लगा कि पता नहीं मैंने कौन सी चीं खाई है, मन में एक ग्लानि सी है और गुस्सा भी है। जिन लोगों ने ऐसा काम किया है, उन्हें तो मृत्युदंड़ ही देना चाहिए।