इंदौर। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 22 सितंबर को पूरे प्रदेश में 15 लाख से अधिक लोग अपने आप को साक्षर बनाने हेतु एनआईओएस द्वारा निर्देशित केंद्र पर परीक्षाएं देंगे और अपने आप को आत्मनिर्भर बनाने हेतु एक और क़दम आगे बढ़ाएंगे। यूनेस्को के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2030 तक पूरे विश्व को साक्षर बनाने का लक्ष्य है।
प्रथम चरण में दस हज़ार अक्षर पोथी का वितरण
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश 4 वर्षों से पूरे राष्ट्र में प्रथम आकर निरक्षरों को साक्षर कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आयोजित इन परीक्षाओं में 2011 की जनगणना के अनुसार एक करोड़ सात हज़ार निरक्षर लोगों को साक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है। रोटरी अंतरराष्ट्रीय नीति के अनुसार मध्यप्रदेश में रोटरी के विभिन्न क्लबों द्वारा एक लाखअक्षर पोथी निरक्षरों को साक्षर करने हेतु प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके अंतर्गत प्रथम चरण में दस हज़ार अक्षर पोथी प्रदान की जा रही है। पहले चरण में तय 23 ज़िलों में अक्षर पोथी प्रदान की जाएगी। क्लब ने सभी जन प्रतिनिधियों , ज़िम्मेदार नागरिकों व समाज सेवियों से अनुरोध है कि शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित केंद्रों पर जाकर शिक्षकों व परीक्षार्थियों को प्रेरित कर इस अनुकरणीय पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार पोलियो उन्मूलन की तरह इस कार्यक्रम को भी जन अभियान कार्यक्रम बनाएं। इससे इस देश का हर व्यक्ति अपने अधिकारों को समझ सकेगा एवं कई जगह जो असाक्षर होने के कारण उसका अहित हो सकता है उससे वो बच सकेगा।