भोपाल। मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग एक बार फिर उठी है। मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष एमपी द्विवेदी, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष एसबी सिंह, लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष महेन्द्र शर्मा, राजस्व कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष विमलेश रजक, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के संरक्षक एसएस रजक, पेंशनर एसोसिएशन के उप प्रांताध्यक्ष एलएन कैलाशिया, शिक्षक कांग्रेस के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने मुख्मंयत्री से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग की है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि नई सरकार बनने के बाद शासन स्तर पर कर्मचारी संगठनों से अभी तक किसी प्रकार की चर्चा नहीं की गई है तथा लंबित मांगों का निराकरण भी नहीं किया गया है। परंपरा को निभाते हुए मुख्यमंत्री कर्मचारी संगठनों को उनकी मांगों पर चर्चा के लिए बुलाएं और कर्मचारी हित में मांगों का निराकरण करें। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों में 50 प्रतिशत रिक्त हैं। सवा आठ साल से पदोन्नति पर रोक है। लिपिकों को ग्रेड-पे एवं मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान देने के आश्वासन के बाद भी अभी तक लाभ नहीं दिया गया है।
द्विवेदी ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का पदनाम परिवर्तित नहीं किया गया है। रिक्त पदों के विरुद्ध उच्च पदों पर प्रभार नहीं दिया जा रहा है। सीधी भर्ती के रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा है। कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में 70, 80, 90 प्रतिशत दिए जा रहे स्टायपेड वेतन को अभी तक समाप्त नहीं किया गया है। पेशनरों को महंगाई भत्ता नहीं दिया गया है और पेंशनरों के लिए धारा 49 को अभी तक समाप्त नहीं किया गया है।