BREAKING NEWS
KHABAR : जिला स्वास्थ्य समिति एवं मातृ मृत्यु.. <<     KHABAR : नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत.. <<     KHABAR : कलेक्टर एवं एसपी ने की नशा मुक्ति अभियान.. <<     REPORT : सीएमओ ने किया सफाई व्यवस्था का आकस्मिक.. <<     KHABAR : निराश्रित पशुओं के विरुद्ध नपा की.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     REPORT : नीमच में भूकंपपूर्व तैयारी एवं.. <<     NEWS : भगवान झुलेलाल के जयकारों के साथ शुरू हुआ 40.. <<     KHABAR : आम आदमी पार्टी नीमच जिला इकाई ने 19 जुलाई को.. <<     KHABAR : नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 जागरूकता कार्यक्रम.. <<     NEWS : कौशल विकास का अवसर, आईटीआई गंगरार में.. <<     NEWS : हिंदू युवा वाहिनी के उदयपुर संभाग अध्यक्ष.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     NEWS : श्री गुरु गौतम सेवा संस्थान के लोकार्पण.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ अर्बन बैंक ने शुरू किया 10.. <<     NEWS : विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस पर विधिक.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
September 22, 2024, 10:28 am
KHABAR : नवजात की मौत में दूसरे नंबर पर आया मप्र, इंदौर में बोले डॉक्टर 1 हजार में से 35 बच्चे एक माह भी नहीं जी पाते, खरगोन-बड़वानी में ज्यादा मौत, पढे़ खबर 

Share On:-

इंदौर। नवजात बच्चों की मौतों के मामले में मप्र भले ही पहले नंबर से दूसरे नंबर पर आ गया हो, लेकिन यह मुद्दा अभी भी चिंता का विषय है। अभी भी 1 हजार में से 35 बच्चे ऐसे हैं जो एक माह भी नहीं जी पाते। अलीराजपुर में मौतें कम हुई हैं लेकिन खरगोन, बड़वानी, अनूपपुर, शिवपुरी में अभी भी ज्यादा है।


इसका मुख्य कारण इन्फेक्शन, प्री टर्म, अंडर वेट, आईवीएफ हैं। इसे रोकने के लिए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को नई टेक्नोलॉजी के उपयोग के साथ ट्रेन्ड होना जरूरी है। एक और भ्रांति यह कि बच्चे को मां इन्फेक्शन लगता है जबकि यह बिल्कुल गलत है। बच्चों को इन्फेक्शन डिलीवरी के दौरान लगता है।


यह मानना है कि नियोनेटोलॉजिस्ट्स का। इंदौर में चल रही तीन दिनी नियोकॉन(नियोनेटोलॉजी) कॉन्फ्रेंस में एक्सपर्ट्स ने इसे गंभीर मुद्दा माना है। उनका कहना है कि जन्म के समय बच्चा रोया नहीं या सांस नहीं ली यह बर्थ एसफिक्सिया की स्थिति होती है। इसमें बच्चे के ब्रेन में ऑक्सीजन की कम हो जाती है। इससे जन्मजात मंदबुद्धि, दुर्बलता आदि रहती है। बच्चे का दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता।


डॉ. नवीन जैन (त्रिवेन्द्रम) ने बताया कि अब टेक्नोलॉजी ने नवजात और प्री-मैच्योर बेबी केयर काफी एडवांस बना दिया है। अब बच्चों को मां के गर्भ के अंदर जैसा माहौल एनआईसीयू में मिल रहा है। जिस प्रकार बच्चा जब मां के गर्भ में रहता है तो मां की धड़कन और ब्लड फ्लो को सुनता रहता है। वह आराम से सोता रहता है।


अब एडवांस इंक्यूबेटर मशीन आ गई है। इसमें मां की धड़कन और ब्लड फ्लो की आवाज को रिकॉर्ड कर प्ले किया जा सकता है। जब प्री-मैच्योर या नवजात बच्चा इसे सुनता है तो उसे मां के गर्भ में होने का एहसास होता है और वह आराम से सोता है। इससे बच्चे को ज्यादा समय तक गर्भ का एहसास मिलता है।


जितनी ज्यादा नींद, उतना ज्यादा ब्रेन का डेवलपमेंट
डॉ. जैन के मुताबिक न्यू बॉर्न बेबी जितना ज्यादा सोता है उसके ब्रेन का डेवलपमेंट उतनी ही तेजी से होता है। अब एनआईसीयू में इस बात का बहुत ध्यान रखा जाता है कि बच्चे की केयर और ट्रीटमेंट ऐसा हो कि उसे अधिक से अधिक नींद मिल सके।


अब एंटीग्राफी टेस्ट की मदद से बच्चे के नींद की क्वालिटी का पता किया जा सकता है। इससे यह पता चल जाता है कि ट्रीटमेंट कैसा चल रहा है। आमतौर पर माना जाता है कि कंगारू केयर (छाती पर नवजात शिशु को लेटाना) सिर्फ मां कर सकती है पर वास्तव में ऐसा नहीं है।


यह काम बच्चे के पिता और दादा-दादी भी कर सकते है। इससे बच्चे को तेजी से रिकवर करने में काफी मदद मिलती है। इसके लिए नर्सिंग स्टाफ द्वारा विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।


मदर का इन्वॉलमेंट बहुत जरूरी
नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम की प्रेसिडेंट डॉ. सुषमा नांगिया के मुताबिक एनसाईसीयू में मदर का इन्वॉलमेंट बहुत जरूरी है। 50 प्रतिशत काम डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ का होता है और 50 प्रतिशत मां का। मां को इन्वॉल्व करने से रिकवरी तेजी से होगी।


यही वजह है कि अब प्राइवेट और सरकारी दोनों एनआईसीयू में मां को अंदर जाने दिया जा रहा है। डॉ. सुषमा ने बताया कि हाल ही में फोरम ने डब्लूएचओ के साथ मिलकर सिक एण्ड स्मॉल बेबी एनआईसीयू के लिए एक गाइड लाइन बनाई है।


इसके आधार ट्रेनिंग के लिए एक नया मॉड्यूल बनाया है। ट्रेनिंग में एक एक्सटर्नल ऑब्जर्वर रखने की प्लानिंग है। इससे की यह सही तरह से कंडक्ट की जा सके। इस तरह की ट्रेंनिंग हैंड्स ऑन होनी चाहिए जिससे कि रियल लाइफ केसेस से सीखने को मिलता है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE