भोपाल। मध्य प्रदेश में तहसीलदार और नायाब तहसीलदारों की हड़ताल जारी है। मंत्री और पीएस से हुई बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकला। आज शाम को फिर मध्यप्रदेश राजस्व कर्मचारी संघ की बैठक होगी। जिसके बाद हड़ताल जारी करने को लेकर फैसला होगा।
बता दें कि जबलपुर में तहसीलदार पर केस दर्ज करने के विरोध में बीते तीन दिन से हड़ताल जारी है। तहसीलदारों के लामबंद होने की वजह से कई विभागों के काम प्रभावित हो गए हैं।नामांतरण, बंटवारा और नक्शा जैसे कई काम पर असर पड़ा है। हड़ताल में प्रदेशभर के 1400 से अधिक तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एसएलआर शामिल हैं।
बता दें कि मध्यप्रदेश राजस्व अधिकारी संघ का भी चुनावहोना है। ऐसे में नई कार्यकारिणी हड़ताल को लेकर फैसला लेगी।
इसलिए हड़ताल पर गए तहसीलदार
जबलपुर के तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे ने 8 अगस्त 2023 को एक वसीयत के आधार पर नामांतरण का आदेश दिया था, जिसे 9 सितंबर 2023 को एसडीएम ने निरस्त कर दिया। इसके बाद 12 सितंबर को बिना किसी विभागीय अनुमति के एफआईआर दर्ज कर तहसीलदार की गिरफ्तारी कर ली गई। इसी का विरोध किया जा रहा है। मध्य प्रदेश राजस्व कर्मचारी संघ ने तहसीलदारों के लिए न्यायिक संरक्षण की मांग की है। संघ का कहना है कि यह काम में हस्तक्षेप है, ये सिविल सेवा आचरण का उल्लंघन है।