बड़वानी। वर्षों पहले देखी हुई फिल्मों के दृश्य और संवाद हमें याद रहते हैं। जब चाहें तब फिल्म की कहानी दोहरा देते हैं। इसी तरह तस्वीरों के जरिये समझी या सीखी गई बातें भी लम्बे समय तक याद रहती हैं। लेकिन किताबों में पढी हुई बातें या कक्षा में सुने हुए व्याख्यान कुछ ही समय में हम भूल जाते हैं। फोटोग्राफिक मेमोरी डेवलप करें तो सब कुछ याद रहने लगेगा और बड़ी सफलताएं मिल सकेंगी। जिस चीज में हमारा इंटरेस्ट होता है, वह भी हम कभी नहीं भूलते हैं। पढ़ाई में भी इंटरेस्ट पैदा करना जरुरी है, एकाग्र होकर अध्ययन करना भी मेमोरी बढाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय है। इसी तरह समय समय पर रिवीजन करके हम भूलने की समस्या से छूटकारा प्राप्त कर सकते हैं।
ये बातें आनन्द गुजरात से आये मोटिवेशनल ट्रेनर और माइंड थेरापिस्ट बिन्देश कुमार एल चावड़ा ने प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहीं। यह आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन में किया गया। याददाश्त की समस्या से जूझ रहे हैं युवा कार्यकर्तागण प्रीति गुलवानिया और वर्षा मुजाल्दे ने बताया कि इस समय युवा पीढी याददाश्त की समस्या से जूझ रही है। इसका एक कारण उनकी जीवन शैली और अनियमित दिनचर्या तथा अनुचित खान-पान है। डॉ. मधुसूदन चौबे ने कहा कि समय-समय पर रिवीजन करके याद रखने की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है, पढ़ाई करते हुए महत्वपूर्ण बातों को नोट करने की आदत भी डालनी चाहिए। नागरसिंह डावर, कन्हैया फूलमाली, बादल धनगर, शिवानी चौहान, अनिता जाधव, दीपिका डावर, रीना चौहान, संजू डूडवे ने दिया।