भोपाल। मध्य प्रदेश बाघों का दीदार करने के लिए एक बार फिर तैयार हो जाइए। ऐसा इसलिए क्योंकि 1 अक्टूबर से पर्यटक अपने परिजनों और दोस्तों के साथ मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में टाइगर्स का दीदार कर सकेंगे। इसके लिए कई टाइगर रिजर्व में एडवांस बुकिंग भी शुरू हो गई है। मानसून की वजह से तीन महीने तक देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व व नेशनल पार्क की कोर जोन सफारी बंद कर दी जाती है। वहीं मानसून के खत्म होते ही इन्हें फिर से शुरू कर दिया जाता है।
देश में सबसे ज्यादा बाघ एमपी में
मध्यप्रदेश में देश का सबसे बड़ा वन क्षेत्र मौजूद है। प्रदेश के 7 टाइगर रिजर्व्स में देश के सबसे ज्यादा 785 टाइगर मौजूद हैं। प्रदेश में बाघों की संख्या 526 से बढ़कर 785 से ज्यादा हो गई है। बांधवगढ़ में 165, कान्हा टाइगर रिजर्व में 129, पेंच टाइगर रिजर्व में 123, पन्ना टाइगर रिजर्व में 64, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 62 और संजय डुबरी नेशनल पार्क में 20 से ज्यादा टाइगर्स मौजूद हैं। यही वजह है कि यहां बाघों का दीदार आसानी से हो जाता है।
मानसून दौरान बंद थी सफारी
1 जुलाई से 30 सितंबर तक मानसून मौसम में वन्य जीवों में मैटिंग काल व बारिश से नदी नालों झरनों से वन पथ खराब होने की भी आशंका रहती है ऐसे में कोई अनहोनी या अप्रिय घटना नही घटित हो सके इसको लेकर 3 माह सफारी वनपथ राज्यभर अभ्यारण्य व टाइगर रिजर्व में बन्द रहते है।