मनासा। नगर परिषद मनासा ने स्वच्छता की सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत वार्ड क्र. 2 में मोहल्ला सभा का आयोजन किया। इसमें उपस्थित महिलाओं को सुखे गिले कचरे का महत्व बताया और गिले कचरे से जैविक खाद तैयार करने की विधि बताई। पार्षद प्रतिनिधि दिनेश राठौर, स्वच्छता पर्यवेक्षक सतीश भैरवा, स्व. सहायता समुह प्रभारी अनिता माली, सहयोगी संस्था के कमलेश कारपेंटर की उपस्थिति में आयोजन हुआ।
पार्षद प्रतिनिधि दिनेश राठौर ने कहा गिला कचरा सुखा कचरा अलग अलग दे और कचरा परिषद के कचरा वाहन में ही डाले। गली मोहल्ले में जगह जगह कचरा अड्डा नहीं बनाए। सतीष भेरवा ने कचरा सेग्रीग्रेशन का महत्व बताया। उन्होने कहा आप जो कचरा देते है उसका हम सेग्रीग्रेशन करते है। गिले कचरे से खाद बनाते है। सुखे कचरे जैसे प्लास्टिक, पुष्टा, लोहा, पन्नी जैसी सभी को अलग अलग करते है और इनमें जो पुनः उपयोग आ सकती है उनका हम रिसायकल करते है। अक्सर यह होता है कई महिलाओं और नगर वासी गिला कचरा सुखा कचरा एक साथ एक ही बीन में डाल देते है। इसे अलग करने में हमारे सफाई मित्रों को बहुत परेशानी होती है। कई बार ऐसी स्थिति बनती है वह मिक्स कचरा हमे डम्प साइड में डालना पड़ता है फिर वह डम्प साइड का कचरा बिमारियां पैदा करता है। कई बार उम्प कचरा हवा में उडकर सड़क और इधर उधर भी आ जाता है। जिससे गंदगी फैलती है और आप शिकायत करते है। इसलिए आप यदि सुखा कचरा गिला कचरा अलग अलग देंगे तो हमारे सफाई मित्रों को भी सुविधा होगी।
सहयोग संस्था के कमलेश कारपेंटर ने गिले कचरे से कम्पोस्ट बनाने की विधि बताई। उन्होने कहा सभी के घर में मिट्टी का मटका जरूर मिल जाता है आप घर से निकलने वाला गिला कचरा उसमें डाल दे। जब वह मटका भर जाए तो उस पर मिट्टी की परत चढ़ा दे और उसे थोड़ा गिला कर दे। 15 से 20 दिन में उस मटके में डाले गए गिले कचरे की खाद बन जाएगी। जिसे आप घर में लगाने वाले पौधो, बगीचे, गार्डन में उपयोग कर सकते है। मटके अलाया ट्टा ड्रम, खराब सीमेंट टंकी आदि में को भी आप कम्पोस्ट पीट के रूप में उपयोग कर सकते है। किसी के घर में यदि खुला गार्डन अथवा आंगन है तो आप वहां एक छोटा गड्डा बनाकर भी कम्पोेस्ट बना सकते है। कार्यक्रम के समापन सभी ने स्वच्छता की शपथ ली।