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September 23, 2024, 4:35 pm
KHABAR : गाय और बेल की शादी, डीजे मेहँदी फेरे रिसेप्शन का आयोजन, जमकर नाचें बाराती, मांग भरने से लेकर मंगलसूत्र पहनाने की परम्परा निभाई गई, पढे़ खबर 

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उज्जैन। श्राद्ध पक्ष में वैसे तो कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है। लेकिन धार्मिक मान्यताओं को लेकर उज्जैन में हुई अनोखी शादी जिसमे दूल्हा था एक बेल और दुल्हन थी एक गाय। शादी में डीजे, बारात, हल्दी, मेहँदी सहित फेरे और आखरी में रिसेप्शन का भी आयोजन किया गया।


उज्जैन शहर में स्थित विष्णुपुरा में तेजाजी धाम मंदिर में हुई अनोखी शादी को देखने के लिए सैकड़ो लोगो को जमावड़ा लग गया। शादी हिन्दू परम्परा अनुसार हुई जिसमें एक किमी तक बारात भी निकाली गई। प्रोफ़ेसर डॉक्टर भवानी शंकर शास्त्री शहर के चारधाम मंदिर के पास कॉलेज में पदस्थ है। वे हिन्दू मान्यताओं की कई धार्मिक ग्रंथ सहित विष्णु पुराण पढ़ते रहते है। उन्होंने बताया कि इन किताबो से मुझे ज्ञात हुआ कि श्राद्ध पक्ष में गाय और बेल की शादी कराने से प्रेत योनि से मुक्त होकर 10 पीढ़ी आगे और पीछे तक को स्वर्ग मिलता है। इस कारण रविवार रात को शादी का आयोजन किया गया। इस शादी में सुबह से लेकर शाम तक शादी में होने वाले सभी कार्यक्रम एक दिन में ही आयोजित किये गए। शाम को बेल (तेजा) और गाय (पेमल रानी) के फेरे किये गए जिसके बाद मंदिर में ही रिसेप्शन का भी आयोजन किया गया।


डीजे बेंड बाजे से निकली बेल की बारात-
सुबह से ही शादी के आयोजन शुरू हो गए थे। परंपरा में साथ मेहंदी के साथ बेल और गाय को तेल चढ़ाया गया। जिसके बाद ढोल धमाके के साथ डीजे पर तेजा की बारात निकली जिसमें तेजा (बेल) को सजाकर निकाला गया। बारात में बाराती डीजे पर नाचते गाते गाय (पेमल रानी) के माता-पिता बने शुक्ला परिवार के घर पहुंचे यहाँ पर बारातियों का स्वागत फूलों की वर्षा से किया गया।


गाय की विदाई से पहले रिसेप्शन का भी आयोजन-
इसके बाद तेजाजी मंदिर पर शाम को पेमल रानी और तेजा का शुभ विवाह किया गया इसमें हिंदू रीति रिवाज के अनुसार सात फेरे लिए गए पग पूजन कन्यादान कर मंगलसूत्र पहनाया और मांग भी भरी गई। रिश्तेदारों ने भी कन्यादान किया। शादी में पेमल रानी की विदाई से पहले रिसेप्शन का आयोजन भी हुआ शहर के कई लोग इस शादी में शामिल हुए आसपास के जिलों से भी आए लोगों शादी में शामिल हुए। इंदौर से आए एक श्रद्धालु ने कहा कि मेरे जीवन में ऐसी शादी मैंने कहीं नहीं देखी है ऐसा माना जाता है कि नदी और गाय की शादी जो करवाता है उनकी 10 पीढ़ी आगे और 10 पीढ़ी पीछे की स्वर्ग में स्थापित होती है कई पूर्ण लाभ इसको करने से होता है ऐसा करने का सौभाग्य किसी किसी को ही प्राप्त होता है।

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