भोपाल। प्रदेश में बीजेपी के शक्ति केंद्र और बूथों के पदाधिकारियों को अगले दो माह में जल उपभोक्ता संथाओं में एडजस्ट किया जाएगा। ये कार्यकर्ता जल संसाधन विभाग की करीब ढाई हजार जल उपभोक्ता संथाओं में एडजस्ट होंगे। जल संसाधन विभाग ने इन संथाओं के चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है और इसके लिए सभी जिलों के कार्यपालन यंत्रियों से जानकारी मांगी जा रही है।
जल संसाधन विभाग द्वारा प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले से पेंडिंग जल उपभोक्ता संथाओं के अध्यक्ष व सदस्यों के निर्वाचन की तैयारी शुरू कर दी है। इन संथाओं के लिए मतदाता सूची तैयार कराने का काम फरवरी 2024 में किया है। इसके बाद विभाग ने कार्यपालन यंत्रियों और मुख्य अभियंताओं के माध्यम से जिलों में बनने वाली जल उपभोक्ता संथा और कार्यक्षेत्र बदलने वाली उपभोक्ता संथाओं के प्रस्ताव मांगे हैं। अभी यह प्रस्ताव सरकार तक नहीं पहुंचे हैं। इसलिए जल संसाधन विभाग ने अक्टूबर तक नई जल उपभोक्ता संथा गठन की प्रक्रिया फाइनल करना तय किया है।
2400 संथाएं पहले से, 68 के प्रस्ताव एक बार आ चुके
जल संसाधन विभाग के अफसरों के अनुसार प्रदेश में 2400 जल संथाएं पहले से काम कर रही हैं। नई संथाओं के गठन को लेकर बुलाए गए प्रस्तावों के दौरान पिछले साल 68 नई संथा के प्रस्ताव शासन फरवरी 2023 तक मिले थे। इसके साथ ही 25 संथाओं के कार्यक्षेत्र में बदलाव के प्रस्ताव भी आए थे जिसका नोटिफिकेशन 17 मार्च 2023 को हो गया था लेकिन तब नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सरकार ने जल उपभोक्ता संथा के चुनाव टाल दिए थे। इन संथाओं के माध्यम से जल स्त्रोतों से नहरों के जरिये खेतों तक पहुंचाए जाने वाली पानी की निगरानी, जल कर वसूली और अन्य व्यवस्थाओं का काम किया जाता है।
इधर एक साल से फिर मांग रहे प्रस्ताव, जवाब नहीं
इधर जल उपभोक्ता संथाओं के चुनाव को लेकर विभाग के मैदानी इंजीनियरों की लापरवाही भी सामने आई है। 2023 में चुनाव टलने के बाद जल संसाधन विभाग के अफसरों ने पिछले एक साल में छह से अधिक बार पत्र लिखकर मुख्य अभियंताओं और जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्रियों से प्रस्ताव मांगने का सिलसिला जारी रखा है कि अगर कोई नई संथा बनाई जानी है तो उसकी जानकारी दें ताकि उसे निर्वाचन में शामिल किया जा सके लेकिन कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।
विभाग ने 20 सितम्बर को फिर पत्र लिखकर जानकारी देने को कहा है। यह जानकारी 11 अक्टूबर तक मांगी गई है जिसमें वृहद सिंचाई परियोजना और मध्यम सिंचाई परियोजना वाले क्षेत्रों में नई संथा गठन की रिपोर्ट दिया जाना है। इसके बाद निर्वाचन कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बीजेपी के कार्यकर्ता होंगे उपकृत
जल संसाधन विभाग द्वारा कराए जाने वाले इन चुनावों में बीजेपी के मैदानी कार्यकर्ताओं को एडजस्ट कर उन्हें राजनीतिक रूप से एडजस्ट किया जाएगा। इसके लिए भाजपा के जिला अध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों ने स्थानीय स्तर पर ऐसे कार्यकर्ताओं की सूची बनाने का काम भी जारी रखा है। बताया जाता है कि इसमें बीजेपी के बूथ और शक्ति केंद्र स्तर के फील्ड वर्कर एडजस्ट किए जाएंगे। ऐसा करके पार्टी उन्हें उपकृत करने का काम भी करेगी।