विदिशा। अंतर्राष्ट्रीय साइन लैंग्वेज दिवस सोमवार को जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र परिसर में मनाया गया। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में विशेष स्कूल दीक्षा निकेतन, सूरज निकेतन, उम्मीद शिक्षण समिति एवं आकांक्षा विशेष स्कूल में अध्यनरत दिव्यांग छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावक व समस्त स्टाफ द्वारा मूक बाधिर बालकों, व्यक्तियों व उससे ग्रसित लोगों को समाज में अपने दैनिक कार्यों के समायोजन व आने वाली परेशानियों के हल एवं उपायों हेतु जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पहुंचे अधिकारियों एवं संस्थाओं के स्टाफ द्वारा मूक बाधिर जनों को सामान्य जीवन में आने वाली परेशानियों से निपटने के लिए अपना विषय रखकर अभिभावकों एवं दिव्यांग मूक बाधिर बच्चों के साथ किस प्रकार व्यवहार करें विषय पर व्यापक रूप से चर्चा की गई। उससे संबंधित ब्राउजर साहित्य का वितरण किया गया तथा शासन की सामाजिक न्याय विभाग की योजनाओं का वाचन किया गया। साइन लैंग्वेज सांकेतिक भाषा के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया। दीक्षा निकेतन विशेष स्कूल और छात्रावास की विशेष छात्रों एवं शिक्षकों द्वारा दो लघु कहानियों का सांकेतिक भाषा में प्रस्तुत की गईं।
कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश मसूद अहमद खान, डीएसपी ज्योति शर्मा, एसडीओपी ज्योति पटेल ऑडियोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज विदिशा शिल्पी राय, शिक्षा विभाग के एमआरसी रितेश देशमुख, रुपेश मालवीय, प्रशासकीय अधिकारी जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र नेहा सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।