उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय में कुलगुरु प्रो. अखिलेश कुमार पांडे का चार वर्षीय कार्यकाल 13 सितंबर को पूर्ण हो चुका है। हालांकि, राजभवन से नए कुलगुरु की चयन होने की प्रक्रिया तक प्रो. पांडे को ही कुलगुरु पद पर बने रहने के निर्देश दिए है। वहीं, राजभवन में प्राप्त आवेदनों में छंटनी के बाद करीब एक दर्जन आवेदक को इंटरव्यू के लिए ईमेल पहुंचा है। कुलगुरू बनने के लिए उज्जैन सहित पांच विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दौड़ में शामिल है। संभावना है कि सितंबर अंतिम दिन तक नाम की घोषणा हो सकती है।
विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु पद के लिए राजभवन से नए कुलगुरु नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकालने के बाद से ही प्रोफेसरों के आवेदन राजभवन तक पहुंचने लगे थे। इधर संभावना थी कि प्रक्रिया जल्दी पूर्ण कर 13 सितंबर तक नए कुलगुरू की नियुक्ति हो जाएगी। हालांकि इस बीच प्रक्रिया में देरी होने के कारण राजभवन ने प्रो. अखिलेश कुमार पांडे का कार्यकाल पूर्ण होने के पहले ही उन्हें नए कुलगुरू का चयन होने की प्रक्रिया तक पद पर बने रहने के निर्देश दे दिए।
सूत्रों के अनुसार प्रक्रिया के तहत अंतिम तिथि तक तीन सदस्यीय समिति ने प्राप्त आवेदन की छटनी कर करीब एक दर्जन आवेदन चिंहित किए है। सूत्रों के अनुसार छटनी के बाद आवेदकों को ईमेल के माध्यम से 27 सितंबर को राजभवन में इंटरव्यू के लिए आने को कहा गया है। जिसमें विक्रम विवि से दो शिक्षक एक शासकीय कॉलेज शिक्षक के साथ ही रीवा, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर विश्वविद्यालय के शिक्षकों के नाम है।
इंटरव्यू के बाद तीन नामों का लिफाफा राज्यपाल के पास जाएगा। तीन नामों में से एक को कुलगुरू नियुक्त किया जाएगा। संभावना है कि सितंबर के अंतिम दिनांक तक विक्रम विवि के लिए कुलगुरू की नियुक्ति हो जाएगी। वहीं इंदौर विवि के लिए 20 सितंबर को इंटरव्यू हो चुके है। अब इंदौर विवि के लिए नाम की घोषणा होना शेष है।