चित्तौडगढ। मौसमी बिमारीयों की रोकथाम हेतु विभाग प्रतिदिन घर-घर सर्वे कर आमजन को रोग के प्रति जागरूक कर रहा है। चिकित्सा विभाग की टीमे लगातार सर्वे कार्य कर रही है। जिले में 312 टीमो द्वारा 73,455 घरो का सर्वे किया गया है। सर्वे में 67,606 कुलरो व 53,700 परिन्डो, 42,142 बर्तनो व 17,562 गमलो में भरे अनुपयोगी पानी को खाली करवाये गये है। 153 जगह गम्बुशिया डाली गई है। 1,43,053 मटको एंव 33,030 फ्रीज की ट्रे व 29,707 अनुपयोगी पानी से भरे टांको को टीमो द्वारा उपचारित करते हुए खाली करवाई गई है।
डॉ ताराचन्द गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मच्छरो के प्रजनन स्थलो को नष्ट किया जाना आवश्यक है। सर्वे के माध्यम से आमजन को आस पास साफ-सफाई रखने की स्वास्थ्य शिक्षा दी जा रही है। एन्टीलार्वल एवं एन्टी एडल्ट, सोर्स रिडक्शन की गतिविधियो का प्रति सत्यापन जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारीयो के द्वारा किया जा रहा है। उन्होने बताया कि दवाओ की उपलब्धता एवं मुख्यालय पर चिकित्सको को ठहराव हेतु निर्देशित किया गया है।
शहरी क्षैत्र में फॉगिंग नगर परिषद् को करने के निर्देश-
डॉ गुप्ता ने बताया कि नगर परिषद् को शहरी क्षैत्र में फॉगिंग करने के निर्देश जिला कलेक्टर द्वारा दिये गये है। उन्होने बताया कि रोगो की रोकथाम के लिये वार्ड अनुसार कार्ययोजना के अनुरूप नगर परिषद् को प्रतिदिन सांयकाल में फॉगिंग करवाये जाने हेतु पत्र लिखा गया है।
घर के आस-पास साफ सफाई आवश्यक-
डॉ ताराचन्द गुप्ता ने आमजन से अपने घर के आस-पास साफ सफाई रखे जाने की अपील की है। उन्होने बताया कि आमजन की भागीदारी से ही मौसमी बिमारीयो पर नियंत्रण रखा जा सकता है। मच्छरो पर शिकंजा कसने में जनभागीदारी जरूरी है।
डॉ मुकेश विजयवर्गीय उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मच्छरजनित बिमारीयो डेंगू, मलेरिया, चिकिनगुनिया एवं अन्य स्क्रब टॉयफस, स्वाईन फ्लू की प्रभावी रोकथाम के लिये जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। आरआरटी टीमो का गठन किया गया है। दैनिक रिपोर्ट खण्ड स्तर से जिला स्तर पर संकलित कर राज्य स्तर पर प्रेषित की जा रही है।