उज्जैन। प्रदेश का पहला डेयरी टेक्नोलॉजी कॉलेज स्थापित किए जाने के प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुमोदन दुग्ध संघ की वार्षिक साधारण सभा में किया गया। यहां हर ग्राम पंचायत स्तर पर दुग्ध सहकारी समिति स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के मुताबिक डेयरी उत्पादन में आधुनिक तकनीक का प्रयोग, मशीनीकरण व उच्च स्तरीय मानव संसाधन प्रबंधन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में उज्जैन दुग्ध संघ की समितियों एवं दुग्ध उत्पादक किसानों के कल्याण, आय में वृद्धि, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, दुग्ध संकलन को दोगुना करना, हर ग्राम पंचायत स्तर पर दुग्ध सहकारी समिति स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) और मध्यप्रदेश दुग्ध फेडरेशन के समझौते का उज्जैन दुग्ध संघ द्वारा बहुमत से प्रस्ताव पारित कर अनुमोदन किया गया।
उज्जैन दुग्ध संघ की 43वीं वार्षिक साधारण सभा में दुग्ध समितियों एवं दुग्ध उत्पादकों की प्रमुख मांग भी स्वीकार की गई है। दूध के प्रति किलो फैट के भाव में वृद्धि किए जाने की मांग को पूरा करते हुए 20 रुपए प्रति किलो फैट की वृद्धि की गई। वृद्धि के बाद नए भाव 740 रुपए प्रति किलो फैट होंगे।
संभागायुक्त एवं प्रशासक दुग्ध संघ संजय गुप्ता ने कहा कि उज्जैन दुग्ध संघ द्वारा उच्च गुणवत्ता का दूध एवं दुग्ध के उत्पाद के निरन्तर उपलब्ध कराने पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा दुग्ध संघ को सर्वाेच्च श्रेणी ‘ए$’ प्रदान की गई है।
इसी क्रम में इंडियन डेयरी एसोसिएशन पश्चिम क्षेत्र द्वारा नागपुर में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा उज्जैन दुग्ध संघ को बेस्ट डेयरी प्लांट की श्रेणी में अवार्ड प्रदान किया है।