चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ महेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुनील कुमार गोयल द्वारा उपकारागृह, निम्बाहेड़ा का निरीक्षण किया गया। उपकारागृह में निर्मित बैरकों, रसोईघर, स्नानघर एवं शौचालयों का निरीक्षण किया गया। बैरकों में लाइट एवं पंखों की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया जो समुचित पाई गई। बंदियों को दिए जाने वाले पेयजल एवं खान-पान की वस्तुओं को जांचा व परखा गया जो नियमानुसार सही पाई गईं। बैरकों में बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में उनसे वार्ता की गई। उनके लंबित प्रकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा इस अवसर पर प्रत्येक बंदियों से उनके प्रकरणों की स्थिति एवं पैरवी हेतु अधिवक्ता के बारे जानकारी ली गई। जिन बंदियों के पैरवी अधिवक्ता नहीं थे, उनके मौकेे पर निःशुल्क विधिक सहायता के आवेदन के संबंध में उपकारापाल को दिशा निर्देश प्रदान किये। निरीक्षण के दौरान 67 बंदी निरूद्ध पाये गये जो कि कारागृह क्षमता 55 से अधिक थे। प्राधिकरण सचिव ने प्रीजन लीगल एड क्लिनिक, उसके इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा कार्यप्रणाली एवं उसके द्वारा बंदियो को दी जाने वाली विधिक सहायताओं से बंदियों को अवगत कराने के लिए उपकारापाल को आवश्यक दिशा निर्देश दिए तथा जेल विजिटिंग लॉयर एवं पैरा लीगल वालेंटियर से भी प्रीजन लीगल एड क्लिनिक की कार्यप्रणाली के संबंध में चर्चा की तथा उन्हें भी बंदियों को इसकी सेवाओं से अवगत कराने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान उपकारापाल युवराज सिंह एवं अन्य स्टाफ आदि उपस्थित थे।