भोपाल। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम संगठन के आव्हान पर भोपाल सहित प्रदेश के सभी जिलों में कर्मचारियों ने आक्रोश रैली निकालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। भोपाल में कर्मचारियों ने कोहेफिजा रोड पर आक्रोश रैली निकाली। वे नारेबाजी करते हुए कलेक्टोरेट की ओर आगे बढ़ रहे हैं। रैली में कर्मचारियों के आने का सिलसिला जारी है। कुछ ही देर में कर्मचारी कलेक्टर से मिलेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे। आक्रोश रैली प्रदेश के सभी जिलों में निकाली जा रही है।
पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने की मांग को लेकर कर्मचारी साल 2017 से प्रदर्शन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव के पहले कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था, पर बात नहीं बनी। पुरानी पेंशन के विकल्प के रूप में अगस्त में केंद्र सरकार यूनिफाइड पेंशन स्कीम ले आई। केंद्रीय कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी और 1 अप्रैल 2025 से लागू करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन को लेकर मांग फिर से शुरू कर दी।
कर्मचारियों का कहना है कि रिटायर कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन से अच्छा कोई विकल्प नहीं है। इसलिए नेशनल पेंशन स्कीम और यूनिफाइड पेंशन स्कीम की बजाय सरकार सीधे पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर बात करे। उधर, नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम संगठन ने भी साफ कर दिया है कि पुरानी पेंशन की मांग किसी भी सूरत में बंद नहीं होगी। सरकार को इसे फिर से लागू करना ही होगा। इसे लेकर लगातार आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो फिर से दिल्ली में कर्मचारी डेरा डालेंगे।
आक्रोश रैली में राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी सुरसरि प्रसाद पटेल, क्रांति संगठन मंत्री गोपाल बंजारे, विभागीय अध्यक्ष मनोज चटपटे, भोपाल जिला अध्यक्ष मोहम्मद दानिश, एकांत सूर्यवंशी, अफसर खान, मनीष शर्मा, मनीष यादव आदि एनपीएस पेंशनधारी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
योजना में कई खामियां गिनाईं
कर्मचारियों ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम में कई खामियां गिनाई हैं। उनका कहना है कि इस स्कीम में शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी के रिटायर होने के बाद की सामाजिक सुरक्षा नहीं है। यह एनपीएस से भी अधिक खतरनाक जान पड़ती है। इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए। एनपीएस में भी सेवा में रहते हुए मृत्यु होने के बाद पारिवारिक पेंशन के नियम भी विवादास्पद हैं।