चित्तौड़गढ़। अखिल राज. राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय मांग दिवस आंदोलन के आह्वान पर संयुक्त महासंघ चितौड़गढ़ ने जिलाध्यक्ष हेमंत संत मराठा के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर 11 सूत्रीय मांग पत्र का मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर आलोक रंजन को ज्ञापन सौंपा गया।
कर्मचारियों के प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष कालूराम खटीक ने कहा कि पीएफआरडीए अधिनियम को निरस्त कर राज्य कर्मचारियों के 41000 करोड रुपए वापस जीपीएफ खाते में जमा करने और राजस्थान में परिभाषित पुरानी पेंशन योजना जारी रखने की पुरजोर मांग की गई साथ ही कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर कर वर्ष 2013 की अनुसूची पांच के अनुसार सातवें वेतन आयोग में वेतन निर्धारण किये जाने, आठवें वेतन आयोग का अभिलंब गठन करने, प्रत्येक 5 वर्ष की अवधि में एक बार वेतन संशोधन लागू करने, 9, 18, 27 वर्ष की सेवा पर मुख्यमंत्री की बजट घोषणा संख्या 155 के अनुसार एसीपी के स्थान पर 7, 14, 21 एवं 28 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति पद का वेतनमान स्वीकृत करने, विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सरकार द्वारा किए गए समझौते एवं सहमतियों को लागू करने, माह जनवरी 2019 से माह जून 2021 तक का महंगाई भत्ते के एरियर का नगद भुगतान करने, सहायक कर्मचारी को एमटीएस घोषित करने, अध्यापकों को तृतीय वेतन श्रंखला के स्थानांतरण करने तथा सभी कार्मिकों के लिए पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने, ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत कार्मिकों को ग्रामीण भत्ता स्वीकृत करने, सभी संविदा, आउटसोर्स, दैनिक वेतन भोगी नियुक्तियां बंद करने तथा सभी संविदा अनियमित कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों का दर्जा देकर वेतनमान देने, सभी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सभी रिक्त पदों को नियमित नियुक्तियों से भरने, प्रदेश के मंत्रालय कर्मचारियों को शासन सचिवालय के समान वेतन भत्ते स्वीकृत करने, प्रदेश के विभिन्न विभागों पंचायती राज संस्थाओं एवं निगम बोर्ड के हजारों कर्मचारियों अधिकारियों की समय बद्ध पदोन्नति के लिए कार्मिक विभाग द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों व सक्षम अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए जाने तथा पदोन्नतियों की समीक्षा के लिए बार-बार प्रगति रिपोर्ट भी मंगवाई जाती रहती है इसके उपरांत भी विभिन्न विभागों के विभाग अध्यक्षों के द्वारा सामान्य पदोन्नतियां नहीं किए जाने पर रोष जताया।
इस अवसर पर हुई आमसभा को संबोधित करते हुए कर्मचारी महासंघ के महामंत्री हेमंत सन्त मराठा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक सरकार फैसला करें नहीं तो आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इस दौरान कालूराम खटीक प्रदेश कोषाध्यक्ष, गोपाल स्वरूप त्रिपाठी जिला अध्यक्ष, गोपेश कोदली जिला मंत्री अनिल बारेसा जिला प्रवक्ता, सुभाष घारू जिला संगठनमंत्री, विकास वैष्णव, उमेश चाष्टा ,राजू लाल तेली गोवर्धन लाल आचार्य, नरेश देशबंधु, गौरव कुमार शर्मा, हरिओम सिंह शक्तावत, सलीम मोहम्मद, सूर्यकांत कोलंबिया, संतोष माली, शंकर लाल सालवी, राजकुमार मीणा, अर्पित जैन ,रामेश्वर लाल जाट, केसर लाल रावत, निखिल वर्मा ,संजय जैन ,नरेश पुनिया, सत्यनारायण जाट उपस्थित रहे।