उज्जैन। समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी के विवादित बयान से उज्जैन के साधू संत नाराज हो गए है। सपा सांसद ने गांजे को लेकर बड़ा बयान दिया जिसके बाद देश भर के साधु संत नाराज हो गए। अफजाल ने मीडिया से बात करते हुए गांजे को कानूनी वैधता देने की बात कही उन्होंने इसके लिए तर्क देते हुए कहा कि गांजा को भगवान शिव का प्रसाद कहा जाता है। ऐसे में उसे अवैध और गैरकानूनी क्यों माना जा रहा है। उन्होंने इस मसले पर सरकार के ऊपर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। अफजाल ने यहां तक कह दिया कि कुंभ में एक मालगाड़ी गांजा चला जाए तो वो भी खप जाएगा। साधु-संत, महात्मा और समाज के बहुत लोग गांजा बड़े शौक से पीते हैं। इसको कानून का दर्जा दे देना चाहिए।
अफजाल अंसारी के दिए बयान पर उज्जैन के साधू संत नाराज है। ये नाराजगी उज्जैन में भी देखने को मिली। शुक्रवार को आव्हान अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानन्द जी महाराज ने सांसद अफजाल अंसारी को लेकर कहा कि लगता है उन्हें 72 हुर याद कर रही है और इनकी बुद्धि र्भ्ष्ट हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सांसद अफजाल ने साधू संत को लेकर आपत्तिजनक टिपण्णी की है मुझे लगता है की इन्हे आतिक और अशरफ की याद आ रही है, और 72 हूर शायद ये देखना चाहते है। इसलिए उन्होंने साधु संतो को लेकर आपत्तिजनक टिपण्णी की है। कई नियम और कानून देश में है तीन तलाक, हलाला पर क़ानून बनवाइए, अपने कौम की बात कीजिये हिन्दू समाज के लिए बोलने की आवश्यकता नहीं है। आपकी बुद्धि भ्रष्ट हो गयी है ,इनकी भाषा असभ्य है मुझे लगता है 72 हूर इन्हे याद कर रही है।सांसद अफजाल अंसारी के इस बयान को लेकर साधू संतो में रोष है और उन्होंने भगवान और साधु संतो को लेकर की गई टिप्पणी का विरोध किया है।