दूदरसी। आज 28 सितंबर को प्रातः 7 बजे से शुरू हुई बरसात ने शनै शनै रूद्र रूप ले लिया और देखते देखते 9 बजे तक तो आसमान से मानो आफत बरसना शुरू हो गई। पानी इतना जोरदार गिरा की खेतों में सोयाबीन की खड़ी फसलें जड़ से उखड़ कर ऐसी जा रही थीं जैसे खेत नहीं यह तो नाला बह रहा है और खेतों में कटी हुई फसलें तो आसानी से पहले ही बह चुकी थी।

मिली जानकारी के अनुसार गांव खेड़ा दारू से रघुनाथ धाकड़ दूदरसी से अशोक पटेल दारू से विक्रम सिंह ठाकुर ने हमारे संवाददाता को फोन से सूचना दी और मौके पर जाकर वीडियो बना कर भेजा है कि किस तरह कुदरत की मार ने किसानों के ऊपर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। किसानों की गाढ़ी मेहनत उनकी आंखों के सामने पानी में तैरती हुई नालों में बहती जा रही है तो उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। सोयाबीन की फसल पर पहले ही किसान खाद दवाईयों का छिड़काव निदाई गुड़ाई पर काफी खर्च कर चुका है और सोयाबीन की उपज तो 2 बोरी बीघे की ही हो रही है। यह उत्पादन तो लागत से बहुत कम है, लेकिन दिल पर पत्थर रखकर इसे निकाल रहा था कि कुदरत ने दूसरा झटका किसानों को और दे दिया। भारी बरसात से किसानों की बची खुसी आशाओं को भी धूमिल कर दिया है। सरकार ने किसानों की सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5779 रूपए तय कर सरकारी खरीदी का ऐलान तो कर दिया है, किन्तु इस दिशा में अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। इस कारण भी किसान खासे नाराज चल रहे हैं और बाकी कसर उपर वाले ने पूरी कर दी है। किसानों का धैर्य अब समाप्त हो गया है सरकार से भरोसा उठ गया है।

अब सरकार को किसानों की भलाई के लिए तुरंत सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए, अन्यथा कहीं देर ना हो जाए गरीब किसान कहीं ग़लत क़दम न उठा लें। इसलिए सरकार को तुरंत निर्णय लेना चाहिए।
