मंदसौर। जिला पंचायत सदस्य और जिला योजना समिति सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि सुशासन भवन में हुई जिला योजना समिति की बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा व अन्य जनप्रतिनिधियों के समक्ष जब वर्तमान में अतिवर्षा से हुई सोयाबीन फसल नुकसानी के विषय को रखा गया तो जिम्मेदारों ने सिवाय लीपापोती के उस पर कोई चर्चा करना उचित नहीं समझा।
जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने बताया कि जब उन्होंने इस विषय को लेकर सदन में बात रखी और प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर से मांग करी की अतिवर्षा से किसानों की सोयाबीन व अन्य फसल 90 प्रतिशत खराब हो चुकी है, अधिकारियों को खेतो में भेजकर नुकसानी का आकलन किया जाना चाहिए,वैसे ही लागत मूल्य से भी कम दाम मिलने से किसान पहले ही दुखी है उसपर अतिवर्षा ने किसानों के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है और लगभग सभी जनप्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं उन्हें बिना किसी राजनीतिक वैचारिकता के इस पर आवाज उठाते हुए किसानो की इस तकलीफ पर बात करनी चाहिए और ऐसे पीड़ित किसानों को क्षतिपूर्ति के रूप में कोई राशि तय की जानी चाहिए साथ ही फसल बीमा को लेकर जिम्मेदार को निर्देशित किया जाने का अनुरोध किया परंतु सिवाय लीपापोती के कोई सटीक उत्तर नही दिया गया।इस मुद्दे को लेकर गुर्जर ने कहा कि आने वाले समय में यदि किसानों की अतिवर्षा से नष्ट हुई सोयाबीन की क्षतिपूर्ति वाले मामले को अनदेखा किया गया तो आंदोलन के रूप में से गंभीर परिणाम भू भुगतने होंगे।