देवास। जिले के विकासखंडों में कलेक्टर ऋषव गुप्ता के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति के नेतृत्व में कौशल विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत एवं राज्य की रोजगारोन्मूखी नीति के तहत क्षेत्र के शिक्षित युवक युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हों इसके लिये जिले के चार विकासखंडों में रोजगार परामर्श शिविर सह रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। रोजगार मेलों में कुल 1384 युवक युवतियों ने पंजीयन करवाया एवं से 815 युवक युवतियों का औद्योगिक इकाइयों द्वारा साक्षात्कार की प्रक्रिया से प्राथमिक चयन किया गया!
रोजगार मेलों में जिला प्रशासन के प्रयास, आयुक्त श्रम विभाग, जिला रोजगार अधिकारी,महाप्रबंधक उद्योग एवं व्यापार केंद्र देवास एवं मप्र डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। जिसमें मारूति सुजूकि अहमदाबाद, गिल प्रायवेट लि. गुना, नवभारत बायो फर्टिलाइजर इंदौर, ई-कॉम एक्स्प्रेस इंदौर, जस्ट डायल इंदौर, सन फार्मा देवास, वी पी सालवेक्स देवास, पेरिवेयर रोका देवास, मां चामुण्डा कांट्रेक्टर देवास, हनुमान सिक्योरिटी देवास, आयशर भोपाल, बीएबल इंदौर, एवं अन्य स्थानीय औद्योगिक इकाइयों सहित 29 कंपनी के प्रतिनिधियों ने युवाओं को रोजगार प्रदान करने में रूचि दिखाई व प्रतिभाग किया। मेले में स्टार स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र आरसेटी से भी अधिकारी उपस्थित रहे एवं युवाओं को स्वरोजगार आधारित प्रमाणीकरण प्रशिक्षण प्राप्त करते हुये विभिन्न स्वरोजगार प्रारंभ करने हेतु प्रेरित किया। शासन प्रशासन के उत्कृष्ट समन्वय का जीवंत उदाहरण बने ये रोजगार मेले क्योंकि इसमें ना केवल बेरोजगार युवाओं का पंजीयन और प्राथमिक चयन किया गया बल्कि चयन पश्चात् उपस्थित एवं ज्वाइन करने के इच्छुक युवाओं को जॉब ऑफर पत्र भी प्रदान किये, तथा शेष युवाओं को कंपनी पहुंचने तक की संपूर्ण जानकरी भी प्रदान की गई। रोजगार मेले में कंपनी प्रतिनिधियों ने भी अपनी कंपनी की भर्ती प्रक्रिया,तथा कर्मचारियों को कार्य के दौरान प्रदाय की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी प्रदान की।
रोजगार मेलों के आयोजन एवं औद्योगिक इकाइयों की युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में रूचि देखते हुये जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हिमांशु प्रजापति ने कहा कि नीजी क्षैत्र में रोजगार की अपार संभावनायें हैं, आवश्यकता है, हमारे शहरी एवं ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को इस दिशा में आगे आ कर इन संभावित क्षत्रों मे काम करने की। रोजगार मेलों के आयोजन का मुख्य उद्दैश्य ही ये ही कि रोजगार की इच्छा रखने वाले जरूरतमंद युवाओं को अवसरों की पहचान औद्योगिक इकाईयों से संपर्क कर कराई जाये। औद्योगिक इकाइयों में विभिन्न पदों कर कर्मचारियों की आवश्यकता होती है, जिसकी पूर्ति रोजगार मेलों के माध्यम से सीधे संपर्क के माध्यम से हो तो कंपनी में काम करने वाले श्रमिकों/कर्मचारियों को कार्पाेरेट के नियमों के अनुसार समस्त सुविधाएं जैसे- पीपीएफ, पेंशन, अवकाश भत्ता, कर्मचारी जीवन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा भत्ता, बीमा, चिकित्सा सुविधा, आवागमन, मेस, आवास एवं अन्य जो भी लागू हो वो प्राप्त हो सकती है।
नीजी क्षैत्र में शुरुआत भले ही न्यूनतम पद या वेतन से हो सकती है, किंतु लगतार मेहनत करने वाले उत्कृष्ट कर्मचारियों को कंपनी में प्रमोशन एवं स्थायित्व भी मिलता है,साथ ही इन क्षैत्र में काम करने से बाजार में उपलब्ध अन्य बेहतर रोजगार की संभावनाओं की पहचान होती है, जिससे युवा अपने व्यक्तित्व का विकास कर भविष्य को संवार सकते हैं।