देवास। कलेक्टर ऋषव गुप्ता एवं सीईओ जिला पंचायत हिमांशु प्रजापति के मार्गदर्शन में जिले में “अमृत संचय अभियान” चलाया जा रहा है। यह अभियान अब मूर्त रूप लेने लगा है और इसके सकारात्मक परिणाम भी आ रहे हैं। जिले में अमृत संचय अभियान की टीम का कारवाँ अब पानी बचाने का संदेश लेकर जिले में गाँव-गाँव पहुँचने लगा है। देवास शहर में जी तोड़ मेहनत से महज तीन महीनों में इसी वर्षाकाल में बारिश के 225 करोड़ लीटर पानी सहेजने की सार्थक पहल करने वाली टीम अब कलेक्टर ऋषव गुप्ता की अगुवाई में गाँवों में भी प्रकृति हित में अपनी इस मुहिम को आगे ले जा रही है।
अमृत संचय अभियान की टीम ने बागली और देवास अंचल में इसकी अलख जगा दी है। गांधी जयंती के अवसर पर जिले की ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की उपस्थिति में टीम के सदस्यों डॉ समीरा नईम, मनीष वैद्य, विपिन पंड्या और कृपाली राणा ने पानी पर विस्तार से बात की। टीम ने गाँव के पानी से बात शुरू करते हुए पानी के संकट, लगातार होती जा रही कमी, इसके दूरगामी परिणामों और इससे बचने के तौर-तरीकों और जल संरचनाओं की तकनीक पर विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। सभी जगह ग्रामीणों ने उत्साह से इन जल संरचनाओं के निर्माण में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का संकल्प लिया।
ग्राम पटाड़ा में डॉ समीरा नईम और विपिन पंड्या, कैलोद में मनीष वैद्य तथा सुतारखेड़ा में कृपाली राणा ने अपनी बात रखी। पटाड़ा में सरपंच पुष्पा राकेश पटेल तथा सचिव अरुण कुमार चौधरी ने ग्रामीणों की सहमति से एक सप्ताह में पाँच रिचार्ज पिट और पाँच बोरी बंधान बनाने का संकल्प लिया। सुतारखेड़ा में भी सरपंच भूरीबाई माखन सिंह रावत तथा सचिव भगवानसिंह चौधरी ने उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा कर छह सामुदायिक भवनों तथा चार निजी घरों में रिचार्ज पिट और तीन स्थानों पर बोरी बंधान के लिए चिन्हांकित किए।
इसी प्रकार कैलोद में सरपंच राजूबाई श्यामलाल चौधरी तथा सचिव रमेशचंद्र मंडलोई ने ग्रामीणों की सहमति से सात सामुदायिक भवनों पर एवं छह निजी भवनों पर रिचार्ज पिट और दस बोरी बंधान बनाने का संकल्प लिया। ग्रामसभा में मौजूद लोगों ने वहीं सहमति देते हुए दो दिन में काम लगाने की बात कही।