भोपाल। कुटीर और ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने भोपाल हाट में दीये बनाने वाले कलाकार के पास पहुंचकर पहले दीये बनाने की प्रक्रिया देखी और फिर कलाकार की मदद से एक दीया खुद भी तैयार किया। इसके साथ ही मंत्री ने हाट में देश के अलग-अलग राज्यों के लगाए गए स्टाल का निरीक्षण किया और जानकारी ली। साथ ही यहां पर लगाए गए खादी के धागे और कपड़े बनाने की प्रक्रिया को समझा।
मंत्री जायसवाल ने भोपाल हाट में कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग के कमिश्नर माल सिंह भयड़िया के साथ शुक्रवार शाम को भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, यह हमारा गौरव है। यह 100 प्रतिशत शुद्ध है, इसे सभी अपनाएं। चाहे खादी के कपड़े हो या रेशम के कपड़े, सभी ईको फ्रेंडली हैं और पूरे हाथों से बनाए गए हैं। इसमें कोई केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता। यहीं हमारी विशेषता है।
8 अक्टूबर तक चलेगा भोपाल हाट में मेला
मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा खादी तथा ग्रामोद्योग के क्षेत्र में ग्रामीण अंचलों में कार्यरत बुनकरों एवं अन्य कारीगरों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भोपाल हाट में खादी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह 8 अक्टूबर तक चलेगा। मंत्री ने यहां लगे हाट में दुकान लगाने वाले व्यापारियों और ग्राहकों से संवाद किया।
मंत्री जायसवाल ने बनाए दीये
खादी मेले में भोपाल निवासी लखन प्रजापति द्वारा मिट्टी के बर्तन सहित अन्य सामान बनाए जा रहे हैं। मंत्री जायसवाल यह देख लखन के पास पहुंचे और मिट्टी से बर्तन, दीये सहित अन्य सामग्री बनाने की प्रक्रिया को देखा। इस दौरान मंत्री का इंटरेस्ट दीया बनाने की विधि समझने में बढ़ा और उन्होंने अपने हाथ से मिट्टी का एक दीया बनाया। इस दौरान उन्होंने धागा व कपडे़ बनाने की विधि भी देखी।
9 राज्यों के 86 स्टॉल लगे
खादी उत्सव मेले में 9 राज्यों के 86 स्टॉल लगे हैं। इसमें अकेले मप्र के 26 स्टॉल है। इसके अलावा राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली उत्तराखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश की खादी ग्रामोद्योग एवं हैंडीक्राफ्ट की इकाईयां शामिल हैं।
इन उत्पादों पर जोर
इसमें प्रदेश एवं अन्य राज्यों की मलबरी सिल्क एवं मसलिन खादी की साड़ियां, कपड़ा, शाल, सूट सहित समस्त प्रकार के खादी वस्त्र के रेडीमेड गारमेंट्स, लेडीज कुर्ते एवं ग्रामोद्योग में माटीकला की सामग्री जूट, बैतबांस, लकड़ी के फर्नीचर, चमड़े के बैग, बेल्ट, पर्स, अगरबत्ती, शैंपू, सेनेटाइजर, शुद्ध एवं प्राकृतिक मसाले, शहद, अचार, पापड़, आटा, बेसन दलिया सहित विभिन्न सामग्रियों के स्टॉल लगाएं गए हैं। प्रदर्शनी में धागा बनाने व कपड़े की बुनाई का लगा स्टाल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।