शामगढ़। विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी एक्ट न्यायालय के न्यायाधीश अजय कुमार सिंह ने एक निर्णय में तीन आरोपी सलमान उर्फ अन्ना, आबिद हुसैन पिता सिराजुद्दीन, मोईन पिता असलम तीनों- निवासी शामगढ को अनुसूचित जाति, अनुसूचित - जनजाति, अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 (2) 5 के तहत आजीवन कारावास एवं एक - एक हजार रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार 5 अक्टूबर 2020 को फरियादी योगेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह - बाजार से मोटर सायकल लेकर अपने घर जा रहा - था। रास्ते मे आरोपी सलमान उर्फ अंन्ना अपनी - मोटर सायकल को तेज गति से चलाते हुए निकला - । फरियादी योगेश ने आरोपी को धीरे चलने की कहा । उपरांत रात 10 बजे आरोपी सलमान, आबिद एवं एक बाल अपचारी को साथ में लेकर हाथ मे लट्ठ लिए फरियादी के घर पहुंचे। फरियादी योगेश की ताई ने दरवाजा बंद कर लिया। इसकेबावजूद तीनो आरोपी घर मे घुस गए तथा मां बहन की गालियां देने लगे। उसी समय एक अन्य आरोपी मोईन भी आ गया। आरोपी सलमान ने हाथ मे ली हुई तलवार से फरियादी के दाहिने हाथ न पर मारी। शेष अन्य आरोपिगणों ने लात, घुसों व लट्ठ से मारपीट की। तीनो आरोपियों ने फरियादी योगेश, मां चंदाबाई, भाई चेतन, ताउ का लडका विशाल एवं ताई के साथ भी लात - घुसों से मारपीट की। आरोपियों ने फरियादी योगेश के सिर - के बाल पकडकर घसीट दिया तथा जातिसूचक - शब्दो से अपमानित किया। फरियादी की रिपोर्ट पर शामगढ पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना - प्रारंभ की । उपरांत न्यायालय में अभियोग पत्र - प्रस्तुत किया । अभियोजन ने न्यायालय में 9 - साक्षियों के कथन कराए। इस दौरान 24 दस्तावेज - भी प्रदर्शित कराए । न्यायालय ने अभियोजन के - साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सलमान उर्फ अन्ना, आबिद हुसैन तथा मोईन को अनु. जाति एवं अनु. जनजाति अधिनियम की धारा 3 (2) 5 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक संजय वसुनिया ने किया।