इंदौर। कलेक्टर आशीष सिंह ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नामांतरण, बंटवारा, रिकॉर्ड सुधार और सीमांकन जैसे सभी राजस्व मामलों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जाए। उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि कोई भी मामला तीन माह से अधिक लंबित न रहे। सीमांकन के प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निपटाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने “फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व” के आधार पर सीमांकन प्रक्रिया को लागू करने पर जोर दिया है।
वहीं कलेक्टर ने अधिकारियों से सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में सुनिश्चित करने का भी कहा है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की संख्या के आधार पर निपटान की समय-सीमा तय की जाए और किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से निरस्त न किया जाए। साथ ही, पेशियों की समयबद्धता और पटवारी रिपोर्ट की शीघ्रता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत आधार लिंकिंग और केवाईसी को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने की अपील की है। इसके अलावा, राजस्व की बकाया वसूली पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि पिछले वर्ष की माँग और चालू माँग की वसूली शत-प्रतिशत हो सके।
कलेक्टर आशीष सिंह के ये निर्देश नागरिकों के राजस्व मामलों के त्वरित समाधान और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए एक सकारात्मक कदम हैं, जिससे जिले में प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।