भोपाल। केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3 प्रतिशत बढ़ाने के निर्णय के बाद मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा है कि खाली पदों पर भर्ती न होने और हर माह ढाई से 3 हजार रिटायरमेंट के कारण कर्मचारियों की संख्या घट रही है। इस कारण कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है। वे बीमार पड़ रहे हैं और सरकार है कि हक भी नहीं देना चाहती है। शर्मा कहते हैं कि प्रदेश के कर्मचारी डीए में 7 प्रतिशत पीछे हो गए हैं।
शर्मा कहते हैं कि डीए कर्मचारी का हक है, जो महंगाई से राहत के लिए उसे दिया जाता है। वर्तमान में महंगाई दिन-ब-दिन बढ़ रही है और राहत मिल नहीं रही। सरकार पहले भी वादा कर चुकी है कि डीए केंद्रीय तिथि से दिया जाएगा, पर ऐसा भी नहीं हो रहा है। केंद्र ने 1 जनवरी 2024 से 4 प्रतिशत डीए दिया है, जो प्रदेश के कर्मचारियों को अब तक नहीं मिला। अब 3 प्रतिशत और बढ़ गया। ऐसे ही गृह भाड़ा भत्ता भी सालों से नहीं बढ़ाया गया है। वे कहते हैं कि सरकार को दीपावली से पहले डीए और गृहभाड़ा भत्ता में वृद्धि करनी चाहिए।
मांग करने वालों में मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस के अशोक प्रताप सिंह, अनीता सारस्वत, आरपी सिंह, धर्मेंद्र सिंह, हरीश नामदेव, सुनील मिश्रा, राजेश राजावत, आशुतोष पांडे, दीपेंद्र कुशवाहा, शकुंतला तोमर, नरेंद्र तोमर, निर्भय सिंह, राजेश पांडे, सलमा शाह, राम रतन सिंह, हेमराज राणा, अंबरीश शर्मा, कौशल शर्मा, पंकज सिंघवी, विजय सिंह, मनोज मेहर, मनोज नामदेव, राजेश नामदेव, संजय मछीवाड़ा, संतोष मिश्रा, मनोज जाटव, ताज मोहम्मद आदि शामिल हैं।