धार। जिले में सोयाबीन उपज की सरकारी खरीदी 25 अक्टूबर से शुरू होने वाली है। खरीदी के लिए ग्रेडिंग-मानक तय कर दिए गए हैं। जिसके तहत 12 प्रतिशत से कम नहीं होने पर ही समर्थन मूल्य पर उपज खरीदी जाएगी। खरीदी के पूर्व किसानों का पंजीयन का दौर आज 20 अक्टूबर को समाप्त होने वाला है।
अब तक करीब 5 हजार 491 किसानों ने उपज विक्रय के लिए पंजीयन कराया है। पंजीयन के साथ किसानों का सत्यापन एवं रकबा सत्यापन भी किया जा रहा है। इधर पंजीकृत किसानों के लिए मंडी में खुली नीलामी में माल बेचने का विकल्प भी रखा गया है। समर्थन मूल्य 4892 से अधिक मूल्य मंडी में मिलने पर किसान वहां भी अपनी उपज बेच सकता है।
मंडी के दामों में आया उछाल
इस वर्ष सोयाबीन उपज के दामों को लेकर काफी नाराजगी रही है। इसको लेकर काफी प्रदर्शन भी हुए। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने बढ़े हुए मूल्य के साथ 4892 में उपज खरीदने का निर्णय लिया है। हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों ने 6 हजार रूपए प्रति क्विंटल की मांग की थी। इधर सरकारी खरीदी शुरू होने वाली है। वहीं मंडी में भी दामों में तेजी आ गई है। धार कृषि उपज मंडी में प्रतिदिन 5 से 7 हजार सोयाबीन बोरी की आवक हो रही है। यहां पर अधिकतम मूल्य 4735 के करीब पहुंच गया है।
कर्मचारियों को किया प्रशिक्षित
खरीदी को लेकर सरकारी महकमे में तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार का कोई हंगामा खड़ा ना हो इसको लेकर उपार्जन से जुड़े राजस्व, कृषि, सहकारिता एवं खाद्य विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कमर्चारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
शुक्रवार को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक धार के कार्यालय में एनसीसीएफ संस्था के प्रतिनिधियों ने खरीदी के दौरान नमी के प्रतिशत, मिट्टी, कटे-फटे एवं सिकूडे हुऐ दाने आदि के संबंध में बारीकी से प्रशिक्षण दिया एवं सोयाबीन के सेम्पल लेने का तरीका, नमी का प्रतिशत आदि के संबंध में विस्तार से बताया।
5 हजार से अधिक का पंजीयन
जिले में सरकारी खरीदी में उपज बेचने के लिए 5421 कृषकों द्वारा 15311.56 हेक्टेयर हेतु पंजीयन करवाया है। जिनमें से 1967 कृषकों के 7212 खसरों के 5587.00 हेक्टेयर रकबे का सत्यापन हो चुका है। उपसंचालक जिला कृषि विभाग जीएस मोहनिया ने बताया कि रविवार 20 अक्टूबर पंजीयन की अंतिम तिथि है। अधिक से अधिक कृषक सोयाबीन उपज विक्रय के लिए अपना पंजीयन करवा लें। उन्होंने किसानों से अपील की है कि बगैर पंजीयन के समर्थन मूल्य पर उपज नहीं बेच पाएंगे।
स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया होगी
केन्द्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए पंजीकृत किसानों की उपज खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग होगी। इसके आधार पर तय दिनांक को कृषक अपने केन्द्र पर जाकर माल तौल सकेंगे। इस तरह की व्यवस्था बीते कुछ वर्षों में शुरू की गई जो काफी कारगर साबित हुई है। स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया ना होने पर केन्द्रों पर कृषकों की भीड़ लग जाती थी और हंगामे की स्थिति बनती थी।