भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गंभीरता से लिया है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में उन्होंने नाराजगी जताते हुए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास और सागर कलेक्टर को प्रदूषण घटाने के लिए माइक्रो लेवल एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए। सीएस ने कहा कि हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए रोड डस्ट कंट्रोल करने के कामों की खुद निगरानी करें।
केंद्र ने एमपी के 7 शहरों को अति प्रदूषित माना
बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मध्य प्रदेश के 7 शहरों समेत देशभर में 102 शहरों को नॉन अटेनमेंट सिटी (अति प्रदूषित रहवास क्षेत्र) घोषित किया है। एनकैप के तहत इन शहरों को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय अलग से फंडिंग करता है। नगरीय निकाय एवं आवास आयुक्त भरत यादव ने मप्र में अब तक एनकैप के तहत किए गए कामों की जानकारी मुख्य सचिव को दी। वहीं इस दिशा में सीएस अनुराग जैन ने 7 जिलों के कलेक्टरों को काम करने के निर्देश दिए है।