सीहोर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रवीण सिंह की ओर से मतदता सूची के पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने तीन विधानसभा क्षेत्र बुधनी, इछावर और सीहोर के 31 बीएलओ का दिसंबर महीने का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिया हैं। इन 31 बीएलओ ने मतदाता सूची का कोई कार्य नहीं किया है। उनकी प्रगति शुन्य पाए जाने पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने एक दिन का वेतन काटने के यह आदेश दिए।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर प्रवीण सिंह ने वीडियो कान्फ्रेंस से जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों के अनुविभागीय अधिकारियों, बीएलओ और सुपरवाईजर से चर्चा कर उनके कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाया कि विधानसभा क्षेत्र 156-बुधनी के 23, इछावर के 3 और सीहोर 5 मतदान केंद्र के बीएलओ के कार्य की प्रगति शून्य पाई गई, जो कि निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में घोर लापरवाही एवं कार्य के प्रति उदासीनता का द्योतक है।
विधानसभा क्षेत्र बुधनी, इछावर और सीहोर
फोटोयुक्त मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान विधानसभा क्षेत्र बुधनी के मतदान केन्द्र क्रमांक 22-गादर के निर्मल मीणा, 27-बोरना के दीपक चौहान, शाहगंज के गिरजा शांकर पाण्डे, जर्रापुरा के कामिनी वर्मा, बांया के लखन कीर, ओडिया के राधेश्याम निमोद, निनोर के सुशील, सांवलखेडा के श्रीबलराम पाण्डे, खडली के राजेन्द्र यादव, रेहटी के रामकुमार शर्मा, सगोनिया के मनमोहन शर्मा, देलावाडी के प्रियंका मैथल, मलाजपुर के महेश कुमार वर्मा, बोरघाटी के छोटेलाल कुशवाह, दिगवाड के सौभागसिंह राजपुर, नीलकंठ के कैलाश चन्द्र कटारे, अकावल्या के हुकुमसिंह यदुवंशी, नेहरूगांव के ममता मालवनय, कोटरा पिपलिया के मगलसिंह राजपूत, छिदगांव मौजी के ममता साहू, पलासीकला के सुरेश कुमार पाटिल, गाडरीपुरा के कमल शर्मा, सिराली के रामबक्श पर्ते का माह दिसंबर के वेतन से एक दिवस के वेतन का काटे जाने का आदेश जारी किया गया।
इसी तरह विधानसभा क्षेत्र इछावर के मतदान केंद्र क्रमांक कालापहाड़ के बीएलओ मंजू बोयत, खामलिया के बनेसिंह मेवाडा, पाटनी के भागीरथ जांगडे, इसी श्रृखला में सीहोर विधानसभा क्षेत्र के काकूखेडीके शिवदयाल गौर, लोधीपुरा के बाला प्रसाद गुर्जर, अहमदपुर के दिनेश शुक्ला, रावनखेडा पठार के नवीन बैरागी और पतलोना के राजेश भावसार की ओर से एक भी फार्म-6 ईआरओ नेट पर दर्ज नहीं किया गया है एवं इनकी प्रगति शून्य होने के कारण माह दिसंबर के वेतन से एक दिन का वेदन काटे जाने का आदेश दिया गया।