नीमच। ज्ञानोदय इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों लिए भावपूर्ण और भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया। कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उल्लास के साथ इस समारोह आयोजित किया। इस यादगार अवसर पर प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति रही, जिसमें ज्ञानोदय इंटरनेशनल विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. माधुरी चौरसिया, ज्ञानोदय स्कूल की निर्देशिका डॉ. गरिमा चौरसिया और प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार पांडे शामिल रहे। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि शील्पी चौहान थीं, जिनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के भव्य स्वागत से हुई, जहाँ 11वीं कक्षा के छात्रों ने मंच पर आमंत्रित किया। इसके बाद सरस्वती पूजन किया गया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिकता और सकारात्मकता का संचार हुआ।विदाई समारोह का सबसे आकर्षकभाग रहा रैंप वॉक, जिसमें कक्षा 12वीं के छात्रों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। इस दौरान 25 चयनित विद्यार्थियों ने मंच पर अपना परिचय दिया और अपने अनुभवों को साझा किया।स्कूल की निर्देशिका डॉ. गरिमा चौरसिया ने कहा विद्यार्थी अपना लक्ष्य का निर्धारण करके आगे एकाग्रता से आगे बढ़ें, तो ऐसी कोई मंजिल नहीं है, जो प्राप्त नहीं हो सकती है। विद्यार्थी जीवन वह स्वर्णिम अवसर है जो जीवन में एक बार ही प्राप्त होता है, वह वापस कभी लौटकर नहीं आता। अतः विद्यार्थी जीवन का सदुपयोग कर विद्यार्जन में जुट जाएं। विद्यालय प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार पांडे ने छात्रों को बोर्ड परीक्षा में उत्तम अंकों के साथ उत्तीर्ण होने की शुभकामनाएं दी और कहा कि आपकी विदाई हमारे लिए भावुक करने वाला पल है।इस अवसर पर कई छात्रों को उनकी विशेष योग्यताओं के लिए सम्मानित किया गयामिस्टर फेयरवेलरू मीत धनुका, मिस फेयरवेलरू रोज पुरोहित,सर्वश्रेष्ठ परिधान (बालक)रू वेदांत गहलोत,सर्वश्रेष्ठ परिधान (बालिका)रू परी,मिस्टर अनुशासनरू पीयूष नागदा,मिस अनुशासनरू वंदना,मिस्टर परफेक्शनिस्टरू आर्यन,मिस परफेक्शनिस्टरू मोक्षदा।समारोह को और भी मनोरंजक बनाने के लिए कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने शानदार नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं। 11वीं विज्ञान वर्ग के छात्रों द्वारा किया गया हास्य नृत्य सभी के लिए मनोरंजन और आनंद का केंद्र बना रहा।कार्यक्रम के अंत में, शिक्षकों और छात्रों ने भावनात्मक भाषण दिए, जिसमें 12वीं कक्षा के छात्रों की यात्रा को याद किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं। यह विदाई केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के बीच के गहरे संबंधों का उत्सव थी, जिसमें बीते वर्षों की अनगिनत यादों को संजोया गया। यह एक भावनात्मक और आनंद से भरी शाम रही, जिसे सभी विद्यार्थी जीवनभर याद रखेंगे।