भोपाल। विधानसभा के 10 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच सत्र के पहले विधायकों ने विधानसभा सचिवालय के जरिए मोहन यादव सरकार से 1785 ऑनलाइन और 1154 ऑफ लाइन सवालों के के जवाब मांगे हैं। जिसमें 1448 तारांकित और 1491 अतारांकित सवाल शामिल हैं। इस तरह कुल 2939 सवाल हुए हैं।
विधानसभा की प्रक्रिया को हाईटेक बनाने की कार्यवाही के बीच बजट सत्र के पहले ऑनलाइन सवाल पूछे गए हैं। वहीं आफ लाइन सवाल करके भी विधायकों ने सरकार से जवाब चाहा है।
अब तक के सबसे छोटे बजट सत्रों में शामिल होने वाला मोहन सरकार का यह बजट सत्र सिर्फ नौ दिन चलेगा। इस सत्र के दौरान होली और रंगपंचमी जैसे त्योहार भी पड़ेंगे। ऐसे में सत्र के दौरान विधायकों की मौजूदगी भी कम रहने की संभावना जताई जा रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के चलते 15 दिन आगे बढ़ाई गई बजट सत्र की तारीख को लेकर कांग्रेस पहले ही विरोध जता चुकी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलकर उन्हें पत्र सौंप चुके हैं और सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग कर चुके हैं।
पावस सत्र से आना है ई विधान
15 दिन के बजट सत्र के बाद प्रदेश में जुलाई में होने वाले पावस सत्र में ई विधान सेवा शुरू होने वाली है। विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के निर्देश पर विधानसभा सचिवालय इसकी प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है। बताया जाता है कि ई-विधान के लिए नेवा (छम्ट।) नाम का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो डिवाइस न्यूट्रल और सदस्य केंद्रित ऐप्लिकेशन है।
नेवा ऐप्लिकेशन से सदस्यों को अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करने में मदद मिलती है। इससे सदन के अध्यक्ष को कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलती है। साथ ही नेवा ऐप्लिकेशन से सदस्यों को प्रक्रिया के नियम, कार्यसूची, नोटिस, बुलेटिन, बिल, तारांकित, अतारांकित प्रश्न और उत्तर, पटल पर रखे गए कागजात, समिति की रिपोर्ट वगैरह की जानकारी मिलती है। नेवा ऐप्लिकेशन से सदन की कार्यवाही में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही आती है।