छतरपुर। विगत 20 मार्च को नरसिंह गढ़ पुरवा निवासी रामकुमार उपाध्याय की पत्नी विमला उपाध्याय को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां इमरजेंसी ड्यूटी डाक्टर ने उक्त मरीज को आईसीयू में भर्ती करा दिया नर्सों द्वारा काल पर डाक्टर अरविंद सिंह को बुलाने की बात कही गई लेकिन वह मरीज को देखने नहीं आए ऐसा मृतक के परिजनों का आरोप है डॉ केवल मरीज को रिफर करने की सलाह फोन पर देते रहे लेकिन मरीज की हालत गंभीर होने से परिजन जिला चिकित्सालय में ही इलाज करने की बात डाक्टरों से करते रहे और अगले दिन 21 मार्च को उक्त महिला मरीज की इलाज के अभाव में मौत हो जाती है पूरे मामले में मृतक महिला के मरीज के परिजनों ने सीएम हेल्प लाइन में डाक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत होने की शिकायत दर्ज कराई गई जिस पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीज के परिजनों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था जिस पर आज मृतक महिला के परिजनों ने जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपकर दोषी डाक्टर पर कार्यवाही की मांग की पूरे मामले में सिविल सर्जन डॉ जी.एल. अहिरवार का कहना है कि मामले में ड्यूटी डाक्टर्स को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा और जबाब आने पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी, वहीं दूसरी ओर पूरे मामले डॉ अरविन्द सिंह का कहना है कि उसी दिन मेरी ड्यूटी नहीं थी और न ही मुझे काल पर बुलाया गया था उन्होंने बताया कि उस दिन डॉ राजकुमार अवस्थी की ड्यूटी थी जिसे उनके द्वारा देखा गया उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन चाहें तो पूरे मामले की जांच पड़ताल करवा सकते हैं फिलहाल उक्त पूरे मामले में अब देखना होगा कि पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिलता है।