खरगोन। कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देशन में एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. वासुदेव आसलकर के मार्गदर्शन में 11 अप्रैल को पोषण पखवाड़ा अंतर्गत शासकीय आयुर्वेद औषधालयों द्वारा गर्भवती माताओं, धात्री महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया। यह शिविर गंगा नगर खरगोन, ग्राम ईटावदी, गवल, ठीबगांव, ग्राम पंचायत भग्यापुर तथा लोहारी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आयोजित किए गए। इस दौरान इन शिविरों में 250 से अधिक धात्री माताएं, गर्भवती महिलाएं, किशोरी बालिकाएं एवं कुपोषित बच्चों को निःशुल्क उपचार कर औषधियों का वितरण किया गया।
इस दौरान आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों द्वारा गर्भवती माताओं को गर्भावस्था में पोषण स्वास्थ्य देखभाल एवं जन्म के प्रथम 06 माह में केवल स्तनपान कराने तथा कुपोषण से बचाव जैसी आवश्यक जानकारियों से अवगत करवाया गया। खून की कमी को दूर करने के लिए आयुष औषधि और पोषण आहार का सेवन करना चाहिए। स्वस्थ रहते हुए व्यक्तिगत साफ-सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए। साथ ही गर्भावस्था के दौरान आयरन एवं कैल्शियम की दवाइयों के उपयोग का विशेष महत्व भी समझाया गया। साथ ही गर्भवती व धात्री माताओं को उचित पोषण स्तर के संबंध में परिवार को जागरूक किया गया। शिविर में बच्चों को निःशुल्क सुवर्णप्राश करवाया गया।
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों द्वारा कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री महिलाओं का स्वास्थ्य जांचा गया। साथ ही बदलते मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। बच्चों को मौसमी बीमारियों व कुपोषण से बचने के लिए और रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए 22 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा अभियान मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रथम 1000 दिन के दौरान स्वास्थ्य व पोषण आवश्यकता के प्रति जागरूक होना जरूरी है। इस दौरान आयुष के डॉक्टर व कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका व महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थी।