चित्तौड़गढ़। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षकों की प्रमुख मांगों को लेकर प्रदेश महामंत्री नवीन कुमार शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा निदेशक सीताराम जाट से भेंट कर वार्ता की एवं शिक्षक एप द्वारा विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के अव्यावहारिक आदेश का विरोध कर इसे वापस लेने की मांग की गई।
संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश कुमार मीणा ने बताया कि वर्तमान में शाला दर्पण पोर्टल से दैनिक उपस्थिति का ऑनलाइन इंद्राज प्रतिदिन शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है। ऐसे में शिक्षक एप के माध्यम से विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज कराने का कोई औचित्य नहीं है। राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों की दृष्टि दूर-दराज व दुर्गम इलाकों में स्थित कई विद्यालयों में आज भी मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है वहाँ यह आदेश उचित नहीं है। संगठन के पदाधिकारियों ने पदोन्नत हुए प्रधानाचार्यों व व्याख्याताओं को पदोन्नति परित्याग करने का अवसर प्रदान करने, राज्य स्तरीय समान परीक्षा के तहत होने वाली वार्षिक परीक्षा प्रातःकालीन एक पारी में ही कराने, राजस्थान ओपन स्कूल की परीक्षा को वार्षिक परीक्षा संपन्न होने के पश्चात प्रातः कालीन सत्र में ही कराने, परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके शिक्षकों को महात्मा गांधी विद्यालयों में पदस्थापन देने सहित कई मांगों को लेकर वार्ता की। निदेशक जाट ने आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
प्रदेश संयुक्त मंत्री पूरण सिंह नायक ने बताया कि संगठन के प्रतिनिधिमंडल मे मुकेश कुमार मीना प्रदेश प्रवक्ता, राजेंद्र पारीक प्रदेश संयुक्त महामंत्री, कोमल शर्मा तथा रामावतार मीना आदि उपस्थित थे।