मंदसौर। मंदसौर जिला मादक द्रव्य प्रदार्थाे की तस्करी के मामलों से जुडा हुआ है, ऐसे मे अवांछित, आपराधिक किस्म के जो लोग अवैध रूप से रह रहे है, उनकी पहचान की जानी चाहिए। यह सही समय है जब पहलगांव की घटना के बाद देशभर में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जा रहा है। इंदौर, उज्जैन और रतलाम जैसे अनेक मालवा क्षेत्र के शहरो में कैंप लगाकर अवैध रूप से रह रहे वे लोग जो लंबे समय से रह रहे है, उनकी पहचान की जा रही है, केम्प लगाये जा रहे है।
यह बात मंदसौर के पूर्व विधायक और प्रदेश भाजपा प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने कही। आपने पुलिस अधीक्षक मंदसौर को पत्र लिखकर कहा कि मंदसौर जिला मादक द्रव्य प्रदार्थाे की तस्करी से जुड़े लोगों के रूप में चर्चाओं में बना रहता है, ऐसे मे मेरा आपसे अनुरोध है कि संवेदनशील मंदसौर जिले के शहरो, कस्बो एवं गांवों में संदिग्ध अवांछित तत्वों की धरपकड़ एवं तलाश की जाना समय की पुकार है।
मेरा अनुरोध है कि ऐसे लोगो के आधार कार्ड ऐप के माध्यम से ऑनलाईन डाउनलोड करवाकर प्रमाणीकरण किया जावें इनके परिवारों के सदस्यों की भी जांच की जावे।
सिसोदिया ने कहा कि यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मंदसौर जिले में कई संवेदनशील गांव की नई आबादियों में ऐसें लोग भी निवास कर रहे है जिनके प्रमाणीकरण की नितांत आवश्यकता है, जिले में कई घटनायें पूर्व मे ऐसी घटी है जिसमे आपराधिक किस्म के अवांछित तत्वो की पहचान हुई थी।
अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि अन्य शहरों में जिस प्रकार से ऐसे अवांछित, आपराधिक किस्म के लोगो की तलाश की जा रही है उनका सत्यापन किया जा रहा है ऐसे संदिग्ध परिस्थितियो वालो को पहचानना और उनका प्रमाणीकरण किया जाना देशहित मे होगा।