शहडोल। शासन और प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद साइबर अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही है। ताजा मामला शहडोल जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक स्थानीय निवासी को लोन दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाकर उसके बैंक खाते का दुरुपयोग किया गया। यह मामला तब उजागर हुआ जब फरियादी को हिमाचल प्रदेश और बेंगलुरु की क्राइम ब्रांच से नोटिस प्राप्त हुआ।
धनपुरी थाना क्षेत्र के रहने वाले फोटो ग्राफर राम दयाल बर्मन से दो शातिर ठगों ने खुद को एचडीएफसी बैंक के कर्मचारी बताकर संपर्क किया। आरोपी दीपक शर्मा, जो कि राजेन्द्रा खैरहा का निवासी है, तथा उसका साथी शशांक तिवारी, निवासी बुढार, दोनों ने राम दयाल को एक लोन दिलवाने का झांसा दिया, इस बहाने उन्होंने राम दयाल को अनूपपुर जिले के एक बैंक में नया खाता खुलवाया, खाता खुलवाने के बाद आरोपियों ने षड्यंत्रपूर्वक बैंक से संबंधित दस्तावेज चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और ओटीपी अपने पास रख लिए, इसके पश्चात इन दस्तावेजों का उपयोग करते हुए आरोपियों ने राम दयाल के बैंक खाते से साइबर फ्रॉड गतिविधियों को अंजाम देने लगे, राम दयाल बर्मन को तब इस धोखाधड़ी का पता चला जब उसे हिमाचल प्रदेश साइबर क्राइम विभाग और क्राइम पुलिस स्टोर, नॉर्थ डिवीजन, बेंगलुरु से एक नोटिस प्राप्त हुआ, जिसमें बताया गया कि उसके खाते से ₹46,03,006 का लेन-देन हुआ है। हैरानी की बात यह थी कि राम दयाल को न तो इस खाते में आए पैसे की जानकारी थी और न ही उसने ऐसे किसी ट्रांजैक्शन की सहमति दी थी,इस पूरे मामले में धनपुरी थाना पुलिस को शिकायत दी गई, शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए खाता खोलकर धोखाधड़ी करने वाले शातिर बदमाश दीपक शर्मा शशांक तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह संगठित साइबर अपराधियों के नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जो भोले-भाले लोगों को लोन या अन्य स्कीमों के बहाने फंसाकर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हैं।
वही इस पूरे मामले में शहडोल एएसपी अभिषेक दिवान का कहना है कि फरियादी की शिकायत पर से दीपक शर्मा और शशांक तिवारी के विरुद्ध मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की है।